कोरबा। रेलवे जोनल मुख्यालय में हुई बैठक में एक बार फिर छत्तीसगढ़ की रेल मांगें फाइलों से आगे नहीं बढ़ीं। सांसदों के सवालों पर रेलवे अफसरों का लगभग हर जवाब एक ही रहा कि प्रस्ताव रेलवे बोर्ड भेज दिया गया है, फैसला वहीं से होगा, जबकि संपर्क क्रांति से लेकर नई ट्रेनों, स्टापेज और विस्तार तक जनता से जुड़ी अधिकांश मांगें अभी इंतजार में हैं। बैठक में बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने यात्री सुविधाओं पर सवाल पूछे। उनकी प्रमुख मांग दुर्ग-निजामुद्दीन छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन के बजाय नियमित रूप से चलाने की थी, इस पर अधिकारियों ने बताया कि प्रस्ताव रेलवे बोर्ड भेजा गया है और जवाब आना बाकी है। वहीं बुधवारी बाजार, जयरामनगर आरओबी और रेलवे की खाली जमीनों के उपयोग से जुड़े सवालों पर भी प्रक्रिया का हवाला दिया गया। वहीं कोरबा सांसद डॉ. ज्योत्सना महंत ने पेंड्रारोड और सक्ती स्टेशनों की सुविधाओं, ट्रेनों के स्टापेज और नई ट्रेनों की मांगें रखीं। रेलवे ने पेंड्रारोड में टिकट सुविधा केंद्र के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू होने और सक्ती स्टेशन के यात्री प्रतीक्षालय के आधुनिकीकरण की जानकारी दी, लेकिन रानी कमलापति व जबलपुर-सांतरागाछी एक्सप्रेस के स्टापेज को असंभव बताया। गीतांजलि और बीकानेर-पुरी एक्सप्रेस के चांपा में स्टापेज तथा कोरबा से झारसुगुड़ा, कोलकाता, जबलपुर, भोपाल और मुंबई के लिए सीधी ट्रेनों के सुझावों को रेलवे बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में बताया गया। अंबिकापुर सांसद चिंतामणि महाराज ने नई रेलवे लाइनों और ट्रेनों के समय में बदलाव का मुद्दा उठाया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अंबिकापुर-बरवाडीह नई लाइन का सर्वे पूरा कर डीपीआर बोर्ड को भेजी जा चुकी है, जबकि अंबिकापुर-कोरबा लाइन की डीपीआर तैयार की जा रही है। अंबिकापुर-रायपुर इंटरसिटी और अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस के समय परिवर्तन को संभव नहीं बताया गया। बैठक में जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, रायगढ़ से राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य सांसदों व प्रतिनिधियों ने भी प्रस्ताव रखे। बैठक की शुरुआत में जीएम तरुण भारत ने सांसदों के सुझावों को रेल सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान उप-महाप्रबंधक (सामान्य) ने एक प्रेजेंटेशन के जरिए जोन की उपलब्धियों को बताया।
जनप्रतिनिधियों की मांगों- सुझावों पर अमल करने के निर्देश दिए
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोनल मुख्यालय में गुरुवार को हुई सांसदों की उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अफसरों से कहा गया है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों और मांगों को गंभीरता से लिया जाए, क्योंकि वे सीधे जनता की जरूरतों से जुड़ी होती हैं। साहू ने रेलवे के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा पर विशेष विशेष जोर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमृत भारत योजना के तहत चल रहे कार्यों को निर्धारित समय-सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अफसरों से कहा गया है कि लालखदान जैसी रेल दुर्घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। लालखदान हादसे की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। निर्माणाधीन रेलवे लाइनों के विस्तार कार्य में तेजी लाई जाए ताकि यात्रियों को जल्द सुविधा मिल सके। बताया कि कटघोरा-डोंगरगढ़ रेलवे लाइन क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित होगी। पहले यह प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल पर आधारित था, लेकिन अब इसमें रेलवे की ही राशि लगाने का निर्णय लिया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में स्वयं रेल मंत्री से चर्चा की है ताकि प्रोजेक्ट बिना किसी बाधा के जल्द पूरा हो सके।
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