कोरबा। कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन बी. साईंराम ने शुक्रवार को गेवरा क्षेत्र स्थित गेवरा हाउस में साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन सहित निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार एवं निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र उपस्थित रहे। मेगा परियोजनाओं के महाप्रबंधक एवं मुख्यालय के महाप्रबंधक बैठक में उपस्थित रहे, जबकि अन्य सभी एरिया के महाप्रबंधक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन की समीक्षा की गई तथा वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान पर्यावरण स्वीकृतियों की स्थिति, सुरक्षा से जुड़े विषय, मानसून पूर्व तैयारियाँ, यांत्रिक डिस्पैच सिस्टम जैसे एफ एम सी, सी एच पी, साइलो एवं रेल कनेक्टिविटी के बेहतर उपयोग, कैपेक्स योजना एवं विविधीकरण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। चेयरमैन ने क्षेत्रीय महाप्रबंधकों को निर्देशित किया कि उत्पादन के साथ-साथ सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं को ‘वेल्यू फॉर मनीÓ सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, वीटीसी, आईएसओ जैसे संस्थानों को और सशक्त बनाने तथा सामुदायिक पहल एवं सीएसआर गतिविधियों के दायरे को बढ़ाने पर भी बल दिया गया। इससे पहले चेयरमैन ने एसईसीएल संचालन समिति के सम्मानित सदस्यों से मुलाकात कर संचालन, कर्मचारियों से जुड़े विषयों एवं भविष्य की दिशा पर चर्चा की।
श्रमिकों से जुड़े उठाए गए मुद्दे
गेवरा हाउस में चेयरमैन बी साईराम ने एस ई सी एल संचालन समिति एवं विभिन्न श्रमिक संगठनों से चर्चा की। जिसमें सुजीत सिंह बीएमएस, नत्थूलाल पांडेय एचएमएस, अजय विश्वकर्मा एटक, गोपाल नारायण, इंटक, वी.एम. मनोहर सीटू एवं श्री खुल्लर सीएमओएआई, सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक में श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। श्रमिक प्रतिनिधियों द्वारा मांग की गई कि आश्रितों को उनकी शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान किया जाए। साथ ही ठेका मजदूरों को कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन के दायरे में शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि शारीरिक रूप से अक्षम (असक्त/अपाहिज) कर्मचारियों को मेडिकल अनफिट घोषित कर उनके आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसके अतिरिक्त इस ई सी एल जैसी लाभकारी सब्सिडियरी कंपनी के 25 फीसदी शेयर आईपीओ के माध्यम से बेचने के प्रस्ताव पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। श्रमिक संगठनों ने लेबर कोड्स इंडिया 2020 के लागू होने पर भी विरोध दर्ज करते हुए कहा कि इससे श्रमिकों के अधिकारों में कमी आएगी, ट्रेड यूनियन कमजोर होंगी तथा कई महत्वपूर्ण श्रम कानून समाप्त हो जाएंगे। बैठक में जेबीसीसीआई की 12वीं कमेटी के गठन में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए गए तथा शीघ्र गठन की मांग की गई। भू-आश्रित रोजगार का सरलीकारण किया जाना चाहिए द्य कोयला डिस्पेच मे रेलवे रैक की काफी कमी है इसका समाधान निकलना आवश्यक है द्य इसके अतिरिक्त अधिकारियों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
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