Tuesday, February 10, 2026

चुनावी सीजन में प्याज की महंगाई निकाल रही आंसू, नवरात्रि के बाद दाम हुआ दोगुना

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चुनावी सीजन में प्याज की महंगाई निकाल रही आंसू, नवरात्रि के बाद दाम हुआ दोगुना

कोरबा। छत्तीसगढ़ सहित देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। सात नवंबर को बस्तर की सीटों के लिए मतदान होना है। उसके बाद द्वितीय चरण के तहत 17 नवंबर को 70 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। ठीक चुनाव के वक्त प्याज की कीमतों में भारी उछाल आ गया है। प्याज की कीमतें बढऩे का चौतरफा असर देखा जा रहा है। रसोई घर से प्याज गायब होने के साथ ही होटलों में नाश्ता भी महंगा होने लगा है। आम से लेकर खास लोगों की जेब पर इसका सीधा असर पडऩे लगा है। इसका कारण व्यापारी फसल खराब होना बता रहे हैं। इस बीच मुनाफाखोरी की भी आशंका जताई जा रही है। चुनावी माहौल में प्याज की कीमतों में आई भारी उछाल को लेकर अब तरह-तरह की अटकलबाजी भी लगाई जा रही है। लोगों की जुबान पर अब प्याज चढऩे लगा है। नवरात्र से ठीक पहले प्याज की कीमत में तेजी आई थी तब थोक मंडी में 30 से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर बिक्री हो रही थी। चिल्हर बाजार के व्यापारी अपनी मर्जी के अनुसार भाव तय कर रहे थे।प्याज की बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्गीय परिवार का बजट एक बार फिर बिगडऩे लगा है। इसका असर छोटे से लेकर बड़े होटलों और स्ट्रीट वेंडरों की दुकानों पर भी देखा जा रहा है। समोसा, बड़ा, आलू गुंडा सहित नाश्ते के दाम में तेजी आने लगी है। अचरज की बात ये कि एक बार कीमत बढऩे के बाद होटल संचालक दाम घटाने का नाम भी नहीं लेते। अभी प्याज की कीमत में बढ़ोतरी का बहाना कहें या फिर मजबूरी। जब कीमतें घट जाएंगी तब भी होटलों में वही रेट रहेगा। शहर के थोक मंडी के व्यापारियों का कहना है कि फसल उत्पादक राज्य महाराष्ट्र के नासिक में प्याज की फसल कमजोर है। नासिक स्थित देश की सबसे बड़ी मंडी में प्याज की आवक कमजोर है और देश की अलग-अलग मंडियों से मांग लगातार बनी हुई है। मांग के दबाव के चलते प्याज की कीमतें लगातार बढ़ रही है। थोक मंडी में दीपावली के बाद नई फसल की आवक शुरू होगी। तब तक ऊंचे दाम पर ही प्याज खरीदना होगा। थोक मंडी में अभी नासिक से प्रतिदिन कम प्याज की आपूर्ति हो रही है। कीमत ज्यादा होने के कारण बिक्री प्रभावित होने की बात व्यापारी कह रहे हैं। दाम ऊंचे होने के कारण जरुरत के मुताबिक ही लोग खरीदारी कर रहे हैं। जो दो किलोग्राम प्याज खरीदकर ले जाते थे वर्तमान में एक किलोग्राम से ही काम चला रहे हैं। प्याज के साथ ही आलू की कीमतें भी बढऩे लगी हैं। चिल्हर बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम पर आलू की बिक्री की जा रही है।

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