Tuesday, February 17, 2026

छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस होगी पटरी से गायब, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी, सर्दियों में छुट्टी मनाने की है प्लानिंग तो टिकट के लिए करनी होगी मशक्कत

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छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस होगी पटरी से गायब, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी, सर्दियों में छुट्टी मनाने की है प्लानिंग तो टिकट के लिए करनी होगी मशक्कत

कोरबा। अमृतसर से बिलासपुर आने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस आने वाले दिनों में कई दिनों तक रद्द रहने वाली है। ऐसे में बिलासपुर कोरबा स्पेशल पैसेंजर भी इसके जद में रहेगी। इससे यात्रियों की परेशानी बढऩा तय है। रेलवे प्रशासन द्वारा जब कभी भी छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को रद्द किया जाता है तब तब बिलासपुर से सुबह कोरबा आने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसी ही समस्या इस माह के साथ ही नए साल में आने वाली है। बिलासपुर से सुबह कोरबा आने वाले यात्रियों की संख्या बहुत अधिक होती है। बावजूद इसके रेलवे की ओर से पैसेंजर ट्रेन को भी दायरे में ले लिया जाता है।गाड़ी संख्या 18237/18238 कोरबा-अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के रद्द होने के साथ ही गाड़ी संख्या 08210 बिलासपुर-कोरबा स्पेशल पैसेंजर को भी बंद करना पड़ जाता है। क्योंकि छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का रैक ही बिलासपुर से कोरबा के बीच स्पेशल पैसेंजर बनकर चलता है। बिलासपुर से सुबह 7.30 बजे स्पेशल पैसेंजर बनकर पहले गेवरारोड अब कोरबा तक आती है।
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कोयला परिवहन पर असर नहीं
24 घंटे में सिर्फ एक जोड़ी मेमू पैसेंजर, वह भी महज 100 किलोमीटर तक की सुविधा देने वाला छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन देश के अन्य राज्यों में एक मात्र स्टेशन होगा।यह इसलिए बता रहे हैं कि इस स्टेशन से प्रतिदिन 40 मालगाड़ी कोयला लेकर अपने प्रदेश के साथ अन्य राज्यों के संयंत्रों को जाती हैं। यही नहीं, इतनी ही संख्या में खाली मालगाड़ी इस स्टेशन से होकर खदानों से निकलने वाला कोयला लेने साइडिंग तक पहुंचती हैं।यह विसंगति ही है कि इतना सबकुछ होने के बाद भी गेवरारोड रेलवे स्टेशन के साथ क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों के लोगों को मिलने वाले यात्री ट्रेन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अब इसके लिए चाहे रेलवे प्रशासन को दोषी मानें या फिर क्षेत्र की जनता को, क्योंकि क्षेत्र के लोगों के साथ जिले के विभिन्न संगठनों ने क्षेत्र से कोई नई सवारी गाड़ी नहीं वरन कोविड-19 से पहले अप और डाउन दिशा में चलने वाली 10 यात्री ट्रेनों की सेवा फिर बहाल करने की मांग करते करते थक चुके हैं। वहीं रेलवे प्रशासन मांगों की अनदेखी करते हुए कोयला परिवहन करने वाली मालगाडिय़ों की संख्या बढ़ाता जा रहा है।
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विभिन्न राज्यों में हो रही कोयला सप्लाई
कोरबा का कोयला ओडिशा, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में मालगाड़ी के माध्यम से भेजा जाता है। गेवरारोड रेलवे स्टेशन। यहां से कोयला परिवहन करने वाली 40 मालवाहक ट्रेन गुजरती हैं। समय पर चले तो अधिक परेशानी नहीं होगी गेवरा पश्चिम क्षेत्र से बड़ी संख्या में ऐसे यात्री हैं, जो रोजाना सुबह कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंचकर अपनी यात्रा शुरू करते हैं और शाम देर रात तक कोरबा वापस आकर समाप्त करते हैं। ऐसे यात्रियों का कहना है कि उन्हें जितनी परेशानी अपने घर से कोरबा रेलवे स्टेशन आने और वापस जाने में नहीं होती है, उससे अधिक ट्रेन में सफर करने के दौरान होती है, क्योंकि वापसी में आने वाली कोई भी सवारी गाड़ी अपने निर्धारित समय पर नहीं आती है। अगर रेलवे प्रशासन गाडिय़ों का परिचालन समय पर करे तो उनकी परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी, लेकिन ऐसा भी नहीं हो पा रहा है।
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गेवरा से अभी सिर्फ एक मेमू लोकल ही सुविधा
अभी सिर्फ एक मेमू लोकल ही सुविधा वतर्मान में 08734/08733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू लोकल ही गेवरारोड स्टेशन तक चल रही है। यह गाड़ी बिलासपुर से गेवरारोड दोपहर 11.30 बजे पहुंचती है और वहां से दोपहर 1.15 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होती है, जबकि गाड़ी संख्या 08745/08746 गेवरारोड-रायपुर-गेवरारोड पैसेंजर भी दोपहर की मेमू के साथ कोविड-19 के बाद 23 जून 2023 को शुरू हुई थी, लेकिन इस गाड़ी को एक माह बाद ही 2 अगस्त 2023 से रद्द रखा है। इसके चलते क्षेत्र के यात्री परेशान हैं।

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