Tuesday, February 10, 2026

जंगल के जल स्रोत सूखे, पानी के लिए वन्य प्राणी होने लगे परेशान

Must Read

जंगल के जल स्रोत सूखे, पानी के लिए वन्य प्राणी होने लगे परेशान

कोरबा। गर्मी की दस्तक के साथ ही जंगलों में पानी के लिए वन्य प्राणियों की परेशानी बढ़ गई है। पानी की तलाश में चीतल सडक़ तक पहुंच रहे हैं इस वजह से हादसे का शिकार होने का खतरा बढ़ गया है। पिछले कुछ सालों में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें वन्य प्राणियों की जान जा चुकी है। जिले में एक मड़वारानी और दूसरा दमिया जंगल में सबसे अधिक चीतल है। पिछले साल दोनों ही जंगल में आधा दर्जन से अधिक चीतलों की सडक़ हादसे और कुत्तों के हमले की वजह से जान चली गई थी। दरअसल गर्मी में जलस्त्रोत पूरी तरह से सूख जाते हैं। पानी की तलाश में गांव के करीब तक चीतल पहुंच जाते हैं। कई बार भटकते हुए हाइवे तक आ जाते हैं जहां वाहनों की टक्कर से उनकी जान चली है। पिछले साल मड़वारानी के जंगल में वन विभाग ने एक अस्थाई पोखरी का निर्माण कर पानी का भराव कराया था। हर साल गर्मी के सीजन में इस तरह की समस्या सामने आती है। इसके लिए ऐसे जंगलों में व्यापक तौर पर सर्वे करके व्यवस्था करने की जरुरत है। गर्मी से पहले कई छोटे-छोटे जलस्त्रोत बनाने चाहिए ताकि पानी के लिए वन्यप्राणियों को जंगल से बाहर नहीं आना पड़े। जंगल के भीतर पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण जंगली जानवर सडक़ किनारे और गांव के करीब पहुंच रहे हैं।पांच साल पहले यह प्रस्ताव बनाया गया था कि चीतलों के रहवास क्षेत्र में कई विकास कार्य किए जाएंगे। बकायदा इसके लिए फंड भी स्वीकृत किया गया, लेकिन बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। वन विभागों के पास आज की स्थिति में कितने चीतल हैं इसकी संख्या भी नहीं है। विभाग द्वारा चीतलों की सुरक्षा को लेकर कोई पहल नहीं किए जाने से अकाल काल के गाल में समा रहे हैं।

Loading

Latest News

नकटीखार में अवैध शराब बनाकर की जा रही बिक्री, ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत कर की कार्रवाई की मांग

कोरबा।ग्राम नकटीखार के कई घरों में अवैध रूप से शराब बनाकर बेचने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा...

More Articles Like This