ट्रेलर के सामने आया हाथी, बाल बाल बचे चालक परिचालक, आधे घंटे तक वाहन को रोके रखा
कोरबा। कटघोरा वन मंडल में इन दिनों हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। 67 हाथियों का झुंड क्षेत्र में विचरण कर रहा है। इसमें से 42 हाथियों का झुंड पसान रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत तनेरा (जलके) परिक्षेत्र के क्रेशर आसपास डेरा जमाए हुए है और बीते दो दिनों से धान की फसलों को चट कर रहे हैं। हाथी मुख्य मार्ग पर भी पहुंच रहे हैं। ट्रेलर चालक परिचालक का सामना हाथी से हो गया। गनीमत रही कि हाथी ने उन पर हमला नहीं किया। स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों को शाम ढलते ही सतर्क होकर गुजरना पड़ रहा है। इसी कड़ी में 18 सितंबर की रात करीब 9 बजे एक बड़ा हादसा टल गया। रानी अटारी मार्ग पर तनेरा घाटी के समीप एक हाथी अचानक सड़क पर आ गया और कोयला लोड ट्रेलर को रोक दिया। ट्रेलर चालक विजय यादव और परिचालक हाथी को देखकर दहशत में आ गए। पीछे से आ रहे एक वाहन चालक ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बना लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी ने लगभग आधे घंटे तक सड़क को जाम रखा, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आखिरकार हाथी चिंघाड़ते हुए जंगल की ओर चला गया, जिसके बाद ट्रेलर चालक ने राहत की सांस ली और वाहन को आगे बढ़ाया।गौरतलब है कि क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही वे घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। वहीं वन विभाग का कहना है कि हाथी प्रभावित इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी की जा रही है।
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पसान रेंज के तनेरा सर्किल पहुंचे हाथी
कटघोरा वनमंडल के केंदई रेंज में काफी दिनों तक सक्रिय रहने के बाद हाथियों का दल अब पसान रेंज के तनेरा सर्किल पहुंच गया है। इस दल में 54 की संख्या में हाथी बताए जा रहे हैं, जो यहां पहुंचने के साथ जंगल में डेरा डाल दिया है। हाथियों का दल दिन भर यहां विश्राम करने के बाद रात में निकलता है, फिर खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह सिलसिला विगत तीन दिनों से क्षेत्र में जारी है जिससे ग्रामीण तथा वन विभाग का अमला काफी परेशान है, जहां वन अमला हाथियों की निगरानी करने के साथ इसे आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने से रोकने पर बल दे रहा है। वहीं ग्रामीण अपनी फसल तथा जानमाल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बीती रात हाथियों के दल ने सरमा गांव में पहुंचकर बड़ी संख्या में फसल को रौंद दिया। इस बीच मरवाही से धमके दंतैल हाथी ने पसान सर्किल में लगातार उत्पात मचाकर ग्रामीणों तथा वन विभाग के नाकों में दम कर रखा है। दंतैल हाथी दिनभर जंगलों में विचरण करने के बाद रात को पुन: पसान क्षेत्र में पहुंच जाता है और यहां पहुंचकर या तो किसी की बाड़ी को उत्पात मचाने के साथ उजाड़ दे रहा है या मकान को निशाना बना रहा है। कभी-कभी बस्ती में घुसकर लोगों में दहशत पैदा कर देता है।
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