ठंडे बस्ते में एडवेंचर एंड वाटर स्पोर्ट्स विकसित करने की कार्ययोजना, गतिविधियों के लिए मुफिद फिर आगे नहीं बढ़ी योजना
कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा ने पर्यटन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। देश-प्रदेश से लोग यहां के पर्यटन स्थलों में पहुंच रहे हैं। जिले के पर्यटन स्थल को एडवेंचर एंड वॉटर स्पोर्ट्स के रूप में विकसित करने की कार्य योजना तैयार की गई थी। मगर यह कार्य योजना ठंडे बस्ती में चली गई। यहां बताना होगा कि बुका, टिहरीसराई को छत्तीसगढ़ का मॉरीशस कहा जाता है। वन विभाग ने अपने स्तर से इन स्थलों को कुछ विकसित किया है। सतरेंगा व बुका में कई महत्वपूर्ण काम भी हुए हैं। लेकिन पर्यटन के नक्शे में ये जगह अब तक शामिल नहीं हो सके हैं।कुछ साल पहले छत्तीसगढ़ पर्यटन केन्द्र ने यहां पर एडवेंचर एंड वाटर स्पोर्ट्स विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की थी। मौके का निरीक्षण किया गया था। बोर्ड के अधिकारियों ने इन स्थानों का जायजा लेने के बाद वापसी जरूर की, लेकिन कार्ययोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया। लगभग ढाई साल बाद एक बार फिर से ये योजना को पर्यटन मंडल ने सामने लाया। लेकिन एक साल से एक भी काम ही नहीं कराया गया। जबकि यह स्थल एडवेंचर एवं वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों के लिए मुफिद है।भारतीय नौसेना ने भी बुका व टिहरीसराई का निरीक्षण किया है। अथाह पानी को देखते हुए यहां पर नौसेना का बेस कैंप स्थापित करने रूचि दिखाई गई थी। । पांच वर्ष पूर्व नई दिल्ली से नौसेना की एक टीम ने इन स्थलों का दौरा किया था।प्राकृतिक विविधाताओं से भरपूर जिले में एंडवेंचर एंड वाटर स्पोर्ट्स के प्रति रुचि नहीं दिखाई जा रही है। कुछ साल पहले बुका, टिहरीसराई, सतरेंगा जैसे स्पॉट पर इन गतिविधियों को विकसित करने टूरिज्म बोर्ड ने कार्ययोजना तैयार की थी, लेकिन इस पर काम नहीं किया जा सका। कुल मिलाकर ये जगह पिकनिक स्पॉट से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। जिले में पर्यटन की दृष्टि से कई प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों की मौजूदगी है। इनमें कुछ धार्मिक केन्द्र भी हैं। खासकर बांगों बांध के डुबान क्षेत्र में अथाह पानी मौजूद है। इनमें बुका, टिहरीसराई, सतरेंगा शामिल हैं।
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