ठंड से बदली दिनचर्या, अब 9 की बजाए 10 बजे खुल रही हैं दुकानें
कोरबा। बेमौसम बारिश में बद मौसम साफ हुआ तो तापमान में लगातार गिरावट आने लगी। पिछले हफ्ते से कडक़ड़ाती ठंड ने लोगों को दिनचर्या बदलने के लिए मजबूर कर दिया है। सुबह सात बजे खुलने वाली दुकानें भी अब नौ से 10 बजे खुल रही हैं। दूसरी ओर खेतों में काम करने वाले मजदूरों ने भी ठंड के कारण अपनी दिनचर्या में बदलाव कर लिया है। ठंड से बुजुर्ग व बीमार लोगों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जहां अलाव की व्यवस्था नहीं है वहां ठंड से बचने के लिए पत्ते और अन्य अनुपयोगी सामग्री जला रहे हैं। इससे लोगों को ठंड से आंशिक राहत मिल रही है। लोग पत्ता व छोटी लकड़ी के टुकड़े चुनकर किसी तरह अलाव जला रहे हैं। इन दिनों ठंड के कारण दोपहर में कंपकंपी छूट रही है। सुबह और शाम ठंड की वजह से सडक़ों पर वाहनों का परिचालन न के बराबर हो रहा है। वहीं ठंड अधिक पडऩे से लोग घरों से कम निकल रहे हैं। जरूरी कार्यों से ही कोई घर से निकल रहे हैं।सुबह-शाम होटल के भ_े पर बढ़ रही भीड़ कडक़ड़ाती ठंड से लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। वहीं राहत पाने के लिए लोग होटलों के भ_े का सहारा ले रहे हैं। सुबह और शाम लोग अपने कार्य छोड़ कर ठंड से राहत पाने के लिए घंटों आग ताप रहे हैं। इससे लोगों की दिनचर्या ही बदल गई है। होटल व्यवसायी बताते हैं कि उनके होटल के बाहर चाय नाश्ता बनाने के लिए आग का भ_ा बनाया गया है। सुबह आग जलते ही तपाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। इससे उन्हें नाश्ता बनाने में थोड़ी दिक्कत तो होती है। लेकिन ठंड से लोगों के हालत देख सहम जाते हैं।
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