कोरबा। बायोमेट्रिक मशीन में अटेंडेंस के आधार पर कोयला कर्मियों के खाते में अब सैलरी भेजा जा रहा है। वहीं ठेका कर्मियों की मैन्यूअल तरीके से ही हाजिरी लगाई जा रही है। इस नई व्यवस्था ठेका कामगारों के लिए लागू नहीं किया गया है।
एसईसीएल प्रबंधन की इस अनदेखी पर नियमित व ठेका कामगारों का प्रतिनिधित्व कर रहे यूनियनों में नाराजगी है। कई बार श्रम संघों की ओर से ठेका कर्मियों के लिए भी ऑनलाइन अटेंडेंस से ही हाजिरी लगाने की मांग प्रबंधन से कर चुके हैं। एसईसीएल की कोयला खदानों में आउटसोर्सिंग कंपनियों को हैवी मशीनों के मेंटेनेंस, ओवरबर्डन हटाने व कोयला खनन का कार्य ठेके पर दे रखा है। खदानों के संचालन में नियमित कर्मियों के साथ ही ठेका कर्मियों का अहम योगदान है। नियमित कोयला कर्मियों के बायोमेट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य कर दिया है। अब ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर ही कोयला कर्मियों की सैलरी बन रही है। दूसरी ओर ठेका कर्मचारी मैन्युअल तरीके से ही हाजिरी लगा रहे हैं। इनके सामाजिक सुरक्षा, कोल इंडिया की हाईपावर कमेटी की दर के हिसाब से वेतन भुगतान नहीं किए जाने की शिकायतें मिलती रही है। इसे लेकर कई बार खदानों में आंदोलन भी हुए हैं। इसी के मद्देनजर नियमित कर्मियों की तरह कोयला खदानों के ठेका कर्मियों के लिए यूनियनों ने बायोमेट्रिक मशीन से अटेंडेंस शुरू करने की मांग उठाई है। इस व्यवस्था से खदानों में काम करने वाले ठेका कर्मियों की वास्तविक संख्या भी सामने आएगी। मगर यूनियनों की मांग को अभी तक प्रबंधन ने नजरअंदाज किया है और इनकी हाजिरी मैन्यूअल तरीके से लगाई जा रही है। यूनियन नेताओं ने कहा कि संचालन समिति में श्रम संघों की ओर मांग उठाई गई थी कि पहले ठेका कर्मियों का 100 फीसदी हाजिरी बायोमेट्रिक अटेंडेंस से लगाई जाए। इसके बाद विभागीय कर्मियों के लिए यह सिस्टम लागू किया जाए। मगर ऐसा नहीं हआ। केवल विभागीय कर्मचारियों के लिए ही बायोमेट्रिक अटेंडेंस को लागू किया गया और अब इसमें उपस्थिति के आधार पर वेतन जारी किए जा रहे हैं। बायोमेट्रिक अटेंडेंस को लेकर कोयला कर्मियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
प्रशिक्षण में ही ठेका कर्मियों की ऑनलाइन अटेंडेंस
कोल इंडिया की ओर से एसईसीएल समेत दूसरे सहयोगी कंपनियों को 11 बिंदुओं में जारी गाइडलाइन के अनुसार व्यवसायिक प्रशिक्षण पोर्टल से बीटीसी सेंटरों में प्रशिक्षण लेने के दौरान ठेका कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य किया है। साथ ही इसी पोर्टल से प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। लेकिन ट्रेनिंग के बाद में सेवाएं लेने पर बायोमेट्रिक मशीन से अटेंडेंस गाइडलाइन में शामिल नहीं है।
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