त्योहारी सीजन में जर्जर सड़कों पर हिचकोले खाकर खरीदारी की मजबूरी, बारिश बीता पर सड़कों की नहीं सुधरी हालत
कोरबा। जिले की सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है। 900 करोड़ रुपए के वार्षिक बजट वाला नगर निगम कोरबा दीपावली पर्व में भी शहरवासियों को जर्जर सड़कों से निजात दिला सका। नव निर्माण एवं मरम्मत कार्य के लिए वर्षा ऋतु का प्रतिबंध 15 अक्टूबर को समाप्त होने के बाद भी निगम की उदासीनता से दीपावली पर्व की खरीदारी के लिए शहरवासियों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की अनदेखी एवं विपक्ष की खामोशी ने ऊर्जानगरी की जनता को जर्जर सड़कों पर आवागमन करने मजबूर कर दिया है। पूरे देश में ऊर्जानगरी के रूप में विख्यात कोरबा आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है। एशिया के दूसरे सबसे बड़े कोयला खदान के साथ साथ आधा दर्जन से अधिक औद्योगिक उपक्रमों ने पूरे विश्व में कोरबा को एक अलग पहचान दी है, लेकिन औद्योगिकीकरण के साथ साथ जिस तेज गति से शहर का विकास हो रहा है उस अनुपात में सबसे बड़ी कमी सुव्यवस्थित सुदृढ़ सड़क की अर्से से बनी हुई है। एक तरफ जहां कब्जों की बाढ़ ने सड़क के विस्तार के संभावनाओं पर विराम लगा दिया लेकिन मुख्य मार्ग की जो सड़कें हैं उसे ही निगम प्रशासन बारहों माह सहेज नहीं पा रहा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल से शुरू हुई कोरबा के बाह्य से लेकर आंतरिक सड़कों की दुर्दशा सत्ता परिवर्तन ट्रिपल इंजन की सरकार आने के बाद भी बनी हुई है।बीते वर्ष की तरह इस साल भी गर्मी में शहर के मुख्य मार्ग के सड़कों की मरम्मत हुई थी। लेकिन इसकी गुणवत्ता इतनी दोयम दर्जे की थी कि बरसात के 3 माह भी सड़क नहीं टिक पाई। जुलाई माह से टायरिंग उखड़ चुकी थी। शहरवासियों ने जर्जर सड़कों में हिचकोले खाते रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, ईद, शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा मनाई। मानसून की विदाई और मरम्मत के लिए वर्षाकाल का प्रतिबंध समाप्त होने के बाद शहरवासियों को उम्मीद थी कि दीपावली की खरीदारी करने उन्हें कम से कम जर्जर सड़कों के हिचकोले नहीं खाने पड़ेंगे। पर निगम की सुस्त टेंडर प्रक्रिया एवं मौसम पूरी तरह खुलने के इंतजार ने शहरवासियों को मायूस कर दिया। उनका इंतजार लगभग पखवाड़े भर और बढ़ गया है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सुनालिया मार्ग डीडीएम चौक की है। उसके उपरांत, बुधवारी मार्ग में सड़क की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इसके अलावा सीएसईबी मार्ग, मिनीमाता कन्या महाविद्यालय के सामने समेत कई जगह सड़क उखड़ रही हैं। टीपी नगर की सड़क भी गड्ढों से भरी पड़ी है।
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