कोरबा। वनांचल ग्राम पाथा के मौहार भदरा जंगल के एक युवक की सड़ी गली लाश फांसी के फंदे पर लटके मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की शिनाख्ती कार्रवाई शुरू की। इस दौरान परिजनों ने कपड़े को देखकर मृतक की पहचान कर ली। मृतक कक्षा दसवीं का छात्र था। उसकी मानसिक स्थित ठीक नही थी। वह कई दिनो तक बाहर रहने के बाद घर लौट आता था, लेकिन इस बार दस दिन बाद भी घर नही पहुंचा था। बहरहाल पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए जांच शुरू कर दी है। बांगो थानांतर्गत ग्राम पाथा में वीरू गोंड़ निवास करता है। वह प्रतिदिन की तरह बुधवार की सुबह मवेशियों को लेकर चराने के लिए मौहार भदरा जंगल गया था, जहां से देर शाम लौटते समय उसकी नजर कोसम पेड़ पर फांसी के फंदे में लटक रहे सड़ी गली लाश पर गई। वह लाश देख घबरा गया। उसने किसी तरह गांव पहुंचने के बाद घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी। गुरूवार की सुबह ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की पुष्टि होने पर पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा के निर्देश पर एएसआई राजेंद्र राठौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया, तो शव कोसम पेड़ पर गमछे से बने फंदे पर लटका हुआ था। मौके पर ही मृतक के शर्ट, पेंट व जैकेट सहित अन्य कपड़े पड़े हुए थे। पुलिस ने मृतक की पहचान कार्रवाई शुरू की। इस दौरान मृतक की पहचान पाथा में ही रहने वाले ब्रिजलाल धनुहार के 16 वर्षीय पुत्र देवराज धनुहार के रूप में हुई। परिजनों से पूछताछ करने पर पता चला कि देवराज कक्षा दसवीं का छात्र था। बीते कुछ समय से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नही थी। वह आए दिन बिना बताए घर से कहीं चला जाता था। वह एक दो दिन बाहर रहने के बाद घर लौट आता था। इस बार भी देवराज 9 फरवरी की सुबह घर से निकला, लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी नही लौटा। परिजन उसकी खोजबीन में लगे हुए थे। इसी बीच बुधवार की शाम फंदे में शव लटके होने की खबर मिली। बहरहाल पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी कर ली। तत्पश्चात मौके पर ही पोड़ी उपरोड़ा बीएमओ की मदद से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। मामले में पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
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