Wednesday, January 21, 2026

ननकी का लेटर बम, करीबियों पर विस्फोट का सन्देह, दोनों पत्र के क्रमांक से चिट्ठी की विश्वसनीयता पर उठे सवाल, पहले पत्र में रजगामार ग्राम पंचायत में विकास कार्य में भ्रष्टाचार की शिकायत, दूसरे में मनगढ़ंत शिकायत का जिक्र

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कोरबा। रामपुर के पूर्व विधायक व आदिवासी कद्दावर नेता ननकीराम कंवर अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। जो सियासी गलियारे में सुर्खियां बन जाती है। इस बार उनका बेबाक बयान नहीं बल्कि सीएम विष्णुदेव साय को लिखा पत्र चर्चा में है। पहले उनके द्वारा रजगामार ग्राम पंचायत में विकास कार्य में भ्रष्टाचार की शिकायत सीएम विष्णुदेव साय से की जाती है उसके बाद दूसरा पत्र लिखकर गलत जानकारी देकर मनगढ़ंत शिकायत बताकर हुए उक्त शिकायत पर कार्रवाई न करने कहते हैं। यह दोनों पत्र साल 2024 में लिखा गया था। इस पत्र के सामने आने के बाद पत्र को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
भाजपा नेता ननकी राम कंवर ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र क्रमांक 1231/रामपुर/2024 दिनांक 05/09/2024 को ग्राम पंचायत रजगामार में हुए निर्माण कार्य की जाँच की मांग की थी। इस पत्र के लगभग 3 माह बाद उन्होंने सीएम को पुनः पत्र क्रमांक 599/रामपुर/2024 दिनांक 16/12/2024, 27/12/2024 लिखा, जिसमें उन्होंने लिखा है कि शिकायत पत्र क्रमांक 1231/रामपुर/ 2024 दिनांक 05/09/2024 को किसी षडयंत्रकारी व्यक्तियों के ‌द्वारा मुझे गलत जानकारी देकर मनगढ़ंत शिकायत बताकर पत्र लिखवाया गया था। ग्राम पंचायत रजगामार के महिला आदिवासी सरपंच के द्वारा पंचायत के विकास में कराये गए कार्य में समस्या उत्पन्न करने के आशय से शिकायतकर्ता के द्वारा वास्तविक बाते न बतलाकर गलत जानकारी देकर मेरे द्वारा शिकायत पत्र में सरल क्रमांक 01 से 06 तक का तथ्यहीन शिकायत मेरे द्वारा आपको प्रेषित किया गया है। इन दोनों पत्रों की चर्चा में होने का कारण उसका क्रमांक है। पहले लिखे गए पत्र का क्रमांक 1231/रामपुर/ 2024 दिनांक 05/09/2024 है। वहीं 3 माह बाद लिखे गए पत्र का क्रमांक 599/रामपुर/2024 दिनांक 16/12/2024, 27/12/2024 है। अब सवाल उठता है कि पहले लिखे गए पत्र का क्रमांक अधिक और दोबारा लिखे गए पत्र का क्रमांक उससे कम है। अमूमन एक ही साल में लिखे गए पत्र की संख्या बढ़ते क्रम में होती है, लेकिन यहां मामला उल्टा है। यही वजह है कि पत्र की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठ रहा है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि ननकी राम कंवर के किसी करीबी के द्वारा यह खेल किया गया हो और श्री कंवर को इसकी भनक तक ना हो। मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इन दोनों पत्रों ने सियासी गलियारे में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पहले शिकायती पत्र पर सीएम कार्यालय से जनपद पंचायत कोरबा को जांच के भी आदेश मिल चुके हैं।

पहले पत्र में क्या लिखा

सीएम को लिखे पत्र उल्लेख है कि रामपुर विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत रजगामार विकास खंड कोरबा में निर्माण कार्य हुए हैं, जिनकी गुणवत्ता एकदम खराब है। सीसी रोड निर्माण मेन रोड से मुक्तिधाम कार्य में पूर्व से मनरेगा का मिट्टीकृत मार्ग था। जिसके ऊपर बिना मुरूम डाले रोड बनाया गया है। रोड की गुणवत्ता बेहद खराब है अभी से मिट्टी निकलने लगा है। सीसी रोड श्याम नगर से शांतिनगर के कार्य में गुणवत्ता खराब है एवं रोड की मोटाई स्टीमेंट के अनुसार नहीं है। ओमपुर साप्ताहिक बाजार में शेड एवं चबूतरा निर्माण कार्य में केवल चबूतरा बनाया गया हैं। शेड का नामो निशान नही है। चबूतरा की गुणवत्ता सही नही है। नाली निर्माण श्यामनगर के कार्य की गुणवत्ता सही नही है। अहाता निर्माण ओमपुर स्टेडियम तक का कार्य एसईसीएल स्टेडियम में हुआ है। कालम में जाली नही लगी है एवं बेस कमजोर है।ओमपुर तालाब में गाद सफाई का कार्य विधायक मद तथा 15 वें वित मद जनपद स्तर दोनों से स्वीकृत कराई गई है। जो जाँच का विषय है। श्री कंवर ने कहा है कि पिछली कांग्रेस सरकार में हुई भ्रष्टाचार का यह एक उदाहरण है, जो जाँच के पश्चात पूर्णत: स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

दूसरे पत्र में क्या लिखा

मेरे द्वारा वास्तविक जानकारी के अभाव में मेरे शिकायत पत्र क्रमांक 1231/रामपुर/ 2024 दिनांक 05/09/2024 को आपको किसी षडयंत्रकारी व्यक्तियों के ‌द्वारा मुझे गलत जानकारी देकर मनगढ़ंत शिकायत बताकर पत्र लिखवाया गया था। ग्राम पंचायत रजगामार के महिला आदिवासी सरपंच के द्वारा पंचायत के विकास में कराये गए कार्य के में समस्या उत्पन्न करने के आशय से शिकायतकर्ता के द्वारा वास्तविक बाते न बतलाकर गलत जानकारी देकर मेरे द्वारा शिकायत पत्र में सरल क्रमांक 01 से 06 तक का तथ्यहीन शिकायत मेरे द्वारा आपको प्रेषित किया गया है। मैं स्वयं ग्राम पंचायत रजगामार के सभी विकास कार्य के बारे में जानकारी प्राप्त किया सभी कार्य गुणवत्ता युक्त कार्य कराया गया है जो संतोष जनक है। अपेक्षा है की मेरे उक्त पत्र को शून्य मानकर किसी प्रकार की कोई जाँच कार्यवाही करने की आवश्यकता नहीं है इसलिए मेरे उक्त शिकायत पत्र को शून्य मानकर प्रकरण नस्तीबद्ध करते हुए प्रकरण समाप्त करने हेतु निर्देश देना चाहेंगे।

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