कोरबा। हिन्दू नव वर्ष प्रतिपदा के पहले दिन गुरुवार से देवी दरबार मनोकामना ज्योति कलश से रोशन होने लगे हैं। हिंदू धर्म के प्रति आस्था रखने वाले अपने जिला, प्रदेश व देश में रहने वाले भक्तों के साथ ही विदेश में रह रहे लोगों में दैवीय आस्था बनी हुई है। यही वजह है कि चैत्र नवरात्र में नगर के प्रमुख देवी मंदिर मां सर्वमंगला के दरबार में अमेरिका व आस्ट्रेलिया में रह रहे भक्तों के नाम ज्योति कलश जलाए गए हैं। ये ज्योति कलश हवन अनुष्ठान के बाद मां सर्वमंगला मंदिर हसदेव नदी में विसर्जित किए जाएंगे। गर्मी के बाद भी भक्तों की आस्था देवी दरबारों के प्रति बनी हुई है। पहले ही दिन मां सर्वमंगला समेत जिले के विभिन्न देवी दरबारों में भक्तों का आना शुरू हो गया था। भक्त मंदिर पहुंचे थे, उन्होंने अपने-अपने ज्योति कलश की पूजा कर प्रज्जवलित किए। जो नहीं पहुंच पाए थे, उनके नाम के ज्योति कलश को मंदिर प्रबंधन द्वारा प्रज्जवलित कर दिया गया है। मंदिर आने वाले में श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान भीषण गर्मी को देखते हुए रखा गया। मंदिरों में देवी मां के भक्तों द्वारा पहले ही दिन सार्वजनिक रूप से भोग-भंडारे की व्यवस्था की गई है। पीने के पानी की सुविधा व पार्किंग को व्यवस्थित कर लिया है। जिले में प्राचीन देवी मंदिर दर्शनीय स्थल के रूप में भी जाने जाते हैं। इन मंदिरों में मां मड़वारानी, मां कोसगाई देवी, मां मातिन दाई व मां महिषासुर मर्दिनी के साथ ही देवपहरी की सिद्धि दात्री मां का दरबार शामिल है। यहां जिले के साथ ही आसपास के जिलों से भी लोग नवरात्र में दर्शन पूजन के साथ ही दर्शनीय स्थल होने के कारण पर्यटन का आनंद लेते पहुंचते हैं। सिद्धि दात्री मंदिर देवपहरी को छोड़ दें तो शेष चारों देवी दरबार पहाड़ी के ऊपर है। नगर में ही दर्री रोड स्थित हसदेव नदी तट पर मां भवानी का मंदिर है। यह मंदिर अधिक प्राचीन तो नहीं है, लेकिन कम समय में ही लोगों के बीच आस्था का केन्द्र बन गया है। यही कारण है यहां देवी मां की पूजा-अर्चना करने बड़ी संख्या में लोग नवरात्र के पहले ही दिन से पहुंचने लगे हैं। देवी मां के दरबार में भक्तों द्वारा मनोकामना ज्योति कलश प्रज्जवलित कराए गए हैं। मंदिर में सुबह से ही पूजा अनुष्ठान शुरू हो जाता है।
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