कोरबा। नशे की हालत में तीन ग्रामीणों ने जहर का सेवन कर लिया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगातार इलाज के बाद भी तीनों की जान चली गई। परिजनों द्वारा नशा छोड़ने की समझाइश उन्हें नागवार गुजरी। पहली घटना करतला थाना के ग्राम हलीमडीह की है, जहां धरम सिंह कंवर 40 वर्ष निवास करता था। वह खेती किसानी कर पत्नी और दो बच्चों का पालन पोषण करता था।शनिवार को ढोढ़ातराई में कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें शामिल होकर लौटने के बाद धरम लगातार शराब का सेवन कर रहा था। उसे पत्नी ने शराब नही पीने की समझाइश दी। यह बात युवक को नागवार गुजरी। उसने कीटनाशक का सेवन कर लिया। उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसी तरह दूसरी घटना में करतला थाना के ही ग्राम तुमान की है। यहां रहने वाला कृष्ण कुमार पटेल खेती किसानी का काम करता था। वह शराब का आदी था। उसने रविवार को भी शराब का सेवन किया था। उसे परिजनों ने शराब नही पीने की समझाइश दी। उनकी बातों को अनसुनी कर कृष्ण कुमार बाड़ी की ओर चला गया। उसने बाड़ी में रखे 505 नामक कीटनाशक का सेवन कर लिया। जिससे उसे लगातार उल्टी होने लगी। कृष्ण कुमार ने हालत बिगड़ने पर मोबाइल कॉल कर जहर सेवन कर लेने की जानकारी अपने भाई विष्णु पटेल को दी। यह खबर मिलते ही विष्णु घर पहुंचा। वह अपने भाई को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचा, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। तीसरी घटना उरगा थानांतर्गत ग्राम जर्वे परसाभांठा की है। यहां रहने वाला हिंसाराम बिंझवार 60 वर्ष खेती किसानी कर पत्नी और चार बच्चों का पालन पोषण करते आ रहा था। वह रविवार की रात करीब 8 बजे नशे की हालत में घर पहुंचा। उसने नशे में ही कीटनाशक का सेवन कर लिया। उसकी भी मौत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। तीनों की घटना में नशे की हालत में जहर सेवन की बात समान है। वहीं तीनों ने ही नशा नहीं करने की समझाइश पर जहर गटका है।
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