कोरबा। सीमांकन प्रतिवेदन में छेड़छाड़ करने के मामले में राजस्व विभाग के 3 अधिकारी जेल भेजे गए हैं। भूषण लाल डिक्सेना सेवानिवृत्त आरआई, राम सेवक सोनी नायब तहसीलदार से सेवानिवृत्त और हरिशंकर यादव सहायक अधीक्षक भू अभिलेख से सेवानिवृत को गिरफ्तार किया गया है। पूर्व अधीक्षक भू अभिलेख जेपी सिंह जमानत पर है। मामला बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र का है, जहां रामकरण अग्रवाल की जमीन बांकी चौक मुख्य मार्ग पर स्थित है। जिस पर दिनेश अग्रवाल सहित 13 अन्य व्यापारियों के द्वारा कब्जा कर लिया गया था। रामकरण अग्रवाल के द्वारा कलेक्टर कार्यालय मे आवेदन देकर अपने भूमि का नाप सीमांकन जिला स्तरीय सीमांकन टीम से कराए जाने बाबत निवेदन किया था, जिसमें कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय सीमांकन टीम गठित कर 03/03/2016 को भू अभिलेख अधीक्षक जे पी सिंह सहित राजस्व अधिकारी हरिशंकर यादव, रामसेवक सोनी व भूषण लाल डिक्सेना को विवादित भूमि का सीमांकन किए जाने बांकीमोंगरा भेजा गया। पीड़ित पक्षकार एवं क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में विवादित भूमि का विधिवत सीमांकन किया गया और सभी अवैध कब्जेदारों के नाम एवं अवैध कब्जे का रकबा सीमांकन प्रतिवेदन में अंकित किया गया। इसके पश्चात सभी पक्षों के हस्ताक्षर लिए गए। पीड़ित पक्षकार रामकरण अग्रवाल के द्वारा उपरोक्त सीमांकन प्रतिवेदन तैयार होने के बाद अपने मोबाइल से फोटो ले लिया गया जिसकी जानकारी सीमांकन दल को नहीं हो सका और उक्त स्थल से हटकर दिनेश अग्रवाल से संपर्क होने पर उसके प्रभाव में आकर उसके द्वारा अतिक्रमण की गई भूमि का दर्ज रकबा को सीमांकन दल के द्वारा छेड़छाड़ (कुटरचना ) कर शून्य कर दिया गया ताकि दिनेश अग्रवाल को लाभ मिल सके। पीड़ित पक्षकार के द्वारा जब उपरोक्त सीमांकन का नकल, नकल शाखा से प्राप्त किया गया तब मौका स्थल पर बने सीमांकन प्रतिवेदन और नकल शाखा से प्राप्त सीमांकन प्रतिवेदन में अंतर होने के आधार पर कूट रचना करने वाले जिला स्तरीय सीमांकन दल सहित दिनेश अग्रवाल के विरुद्ध पुलिस अधिकारियों को शिकायत पत्र दिया गया था। कूट रचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर थाना बाकी मोंगरा के द्वारा उपरोक्त सभी के विरुद्ध वर्ष 2018 में धारा 420,467,468,471 के तहत अपराध दर्ज किया गया तथा प्रभारी अधिकारी भू अभिलेख अधीक्षक जेपी सिंह को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जो वर्तमान में जमानत पर है, किंतु शेष आरोपियों की गिरफ्तारी करने में थाना बाकी मोंगरा थाना के द्वारा कोई रुचि नहीं लिया जा रहा था। पीड़ित पक्षकार के द्वारा अन्य जिम्मेदार आरोपियों के विरुद्ध 8 साल के लंबे अंतराल के बाद भी कार्रवाई नहीं किए जाने से व्यथित होकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट पेश किया। जिसमें उच्च न्यायालय के द्वारा निर्देश दिए जाने के पश्चात थाना बांकी मोंगरा के द्वारा राजस्व विभाग के 3 अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को गिरफ्तार कर कटघोरा न्यायालय प्रस्तुत किया। जहां से उन्हें जमानत के अभाव में उपजेल कटघोरा भेज दिया गया है। भूषण लाल डिक्सेना सेवानिवृत्त आरआई, राम सेवक सोनी नायब तहसीलदार से सेवानिवृत्त और हरिशंकर यादव सहायक अधीक्षक भू अभिलेख से सेवानिवृत को गिरफ्तार किया गया है। वही उक्त प्रकरण में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी शेष है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी घटना के दौरान आरआई के पद पर पदस्थ थे।
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