कोरबा। प्रदेश में 10वीं और 12वीं की पिछली बोर्ड परीक्षाओं में निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर खामियों के बाद इस वर्ष सख्त रुख अपनाया जाएगा। राज्य के कई केंद्रों के मुख्य द्वार पर ताला लगा मिला, ताकि जांच टीम अंदर न आ सके और नकल कराई जा सके। इसके अलावा पर्याप्त जगह होने के बावजूद जानबूझकर छात्रों को सटाकर बैठाया गया और कतारों के बीच न्यूनतम दूरी का पालन नहीं किया गया। परीक्षा के दौरान संबंधित विषय के शिक्षकों को ही पर्यवेक्षक बना दिया गया, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। साथ ही भूतल पर कमरे उपलब्ध होने के बाद भी परीक्षार्थियों को ऊपरी मंजिल पर बैठाया गया। मंडल ने कहा है कि प्रदेश के ऐसे 319 केंद्रों को चिह्नित कर पिछली बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन इस वर्ष यदि ऐसी अव्यवस्था दोबारा पाई गई, तो केंद्राध्यक्षों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
40 फीसदी दिव्यांग को लेखक
नियमों के अनुसार, केवल उन्हीं परीक्षार्थियों को लेखक की सुविधा मिलेगी जिनकी दिव्यांगता 40 फीसदी या उससे अधिक है। महत्वपूर्ण बात यह है कि लेखक की सुविधा लन लेने वाले दिव्यांग छात्रों के लिए अब अलग से बैठक व्यवस्था नहीं की जाएगी, उन्हें सामान्य छात्रों के साथ ही बैठना होगा।
बैठक व्यवस्था पर भी निर्देश
बैठक व्यवस्था को लेकर मंडल ने प्राथमिकता तय की है। परीक्षा के लिए सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर के कमरों का उपयोग करना अनिवार्य है। छात्र संख्या अधिक होने पर ही प्रथम और द्वितीय तल के कमरों का आवंटन किया जा सकेगा।
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