पिछले चुनाव में 45 थे मैदान में, 34 की हुई थी जमानत जब्त, 11 प्रत्याशी ही बचा पाए थे जमानत, इस 51 दावेदार आजमा रहे किस्मत
कोरबा। इनकी तो जमानत जब्त हो गई… ये तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए… 3 दिसंबर को जब छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के वोटों के रिजल्ट आएंगे तो आपको ऐसे शब्द सुनाई देने लगेंगे। पिछले विधानसभा चुनाव 2018 में जिले के चारों विधानसभा में उतरे 45 में से 34 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। चारों सीट पर चार विजेता के अलावा 7 अन्य प्रत्याशी ही अपनी जमानत जब्त होने से बचा पाए थे। इस बार 51 प्रत्याशी मैदान में हैं, देखना होगा कि कितने प्रत्याशी अपनी जमानत बचा पाते हैं। हर चुनाव लडऩे के लिए उम्मीदवार को एक तय रकम चुनाव आयोग में नामांकन के रूप में जमा करानी होती है। इसे ही जमानत राशि कहा जाता है। अगर कोई उम्मीदवार तय वोट हासिल नहीं कर पाता तो उसकी जमानत राशि जब्त हो जाती है। गत विधानसभा 2018 में विभिन्न दल के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी अपनी जमानत बचा पाने में नाकाम रहे थे। कोरबा विधानसभा सीट पर सर्वाधिक 20 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। इस दौरान विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 2 लाख 25 हजार 162 में से एक लाख 62 हजार 017 मतदाताओं ने वोटिंग की थी। वोटिंग का आंकड़ा 71.95 फीसदी रहा। इस सीट पर जमानत बचाने प्रत्याशियों को 27 हजार दो वोट प्राप्त करना जरूरी था। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी ही जमानत बचा पाए थे। वहीं सर्वाधिक मतों के साथ कांगे्रस प्रत्याशी ने जीत अर्जित की थी। रामपुर विधानसभा में दो लाख एक हजार 629 वोटर में से एक लाख 68 हजार 16 मतदाताओं ने वोट डाले थे। यहां जमानत बचाने प्रत्याशी को 28 हजार दो वोट की जरूरत थी। यहां सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे, जिसमें से चार की जमानत जब्त हो गई थी। कटघोरा सीट पर 10 दावेदार चुनाव लड़ रहे थे। यहां कुल वोटर एक लाख 97 हजार 615 थे। जिसमें से एक लाख 53 हजार 995 ने वोट डाले थे। यहां जमानत बचाने 25 हजार 665 वोट हासिल करना जरूरी था। इस आंकड़े तक सात उम्मीदवार नहीं पहुंचे थे। लिहाजा उनकी जमानत जब्त हो गई थी। पाली तानाखार में दो लाख 11हजार 299 वोटर्स से एक लाख 73 हजार 560 ने वोटिंग की थी। यहां जमानत बचाने 28 हजार 926 वोट हासिल करने थे। इस आंकडे तक पांच प्रत्याशी नहीं पहुंचे। इस सीट पर 8 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। भाजपा को इस सीट पर तीसरे स्थान पर रहना पड़ा था।
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जमानत बचाने 16.66 फीसदी वोट जरूरी
विधानसभा चुनाव 2023 के लिए नामांकन शुल्क सामान्य के लिए 10 हजार व आरक्षित वर्ग के लिए 5 हजार तय किए गए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक जब कोई उम्मीदवार सीट पर पड़े कुल वोटों का 1/6 यानि 16.66 प्रतिशत वोट हासिल नहीं कर पाता तो उनकी जमानत जब्त कर ली जाती है।
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नोटा को पड़े थे भारी वोट
पिछले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों से कहीं अधिक वोट नोटा में पड़े थे। रामपुर विधानसभा क्षेत्र में 4609 वोटर्स ने इनमें से कोई नहीं का विकल्प यानि नोटा चुना था। कटघोरा विधानसभा में 2876, पाली तानाखार में 5128 वोट नोटा में पड़े थे। हालांकि कोरबा विधानसभा सीट पर नोटा को महज 1014 वोट मिले थे जो चारों विधानसभा में सबसे कम रहा था।
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2018 चुनाव में जमानत राशि का गणित
विधानसभा कुल मतदाता कुल मतदान जमानत बचाने मत कुल प्रत्याशी जमानत जब्त
कटघोरा 197615 153995 25665 10 07
कोरबा 225162 162017 27002 20 18
पाली-तानाखार 211299 173560 28926 08 05
रामपुर 201629 168016 28002 07 04
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