पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर किया गया धरना प्रदर्शन
कोरबा। कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाइवे में हुए ग्रामीण की मौत के मामले ने तुल पकड़ लिया है। जहां पुलिस मामले को सड़क हादसा मान रही है। वहीं ग्रामीण मामले को हत्या से जोड़कर देख रहे हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है। हालांकि पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
लेमरू थानांतर्गत ग्राम कांटाद्वारी निवासी बंधन सिंह अगरिया बीते दो साल से मोरगा में रिश्तेदार के घर परिवार सहित रह रहा था। उसकी रक्तरंजीत लाश गुरुवार की सुबह मोरगा में ही डॉक्टरी का काम करने वाले ग्रामीण के घर के सामने मिली। इस पूरे मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब पुलिस ने घटना को सड़क हादसा बताते हुए वैधानिक कार्रवाई पूरी कर दी। जबकि ग्रामीण पूरे मामले को हत्या से जोड़कर देख रहे थे। उनका कहना था कि रात में बंधन सिंह का विवाद हुआ था। उसकी हत्या कर घसीटते हुए शव को सड़क से दूर ठिकाने लगाया गया है। मामले में दो दिन बीत जाने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ी। जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। बताया जा रहा है कि सरपंच महेश्वरी पैकरा और उपसरपंच सुनील अग्रवाल के नेतृत्व में शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने मौके पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह खबर मिलते ही बांगो थाना प्रभारी कृष्णकुमार वर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने चर्चा के दौरान थाना प्रभारी के सामने जांच प्रक्रिया पर ग्रामीणों ने असंतोष जाहिर की। उन्होंने मामले में जांच प्रक्रिया तेज करने की मांग रखी। थाना प्रभारी श्री वर्मा ने ग्रामीणों को मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर शाम पांच बजे धरना प्रदर्शन समाप्त हो सका। हालांकि बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने मामले में जांच पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने का मन बना लिया है।
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