Friday, February 6, 2026

पूर्वजों की अस्थियों और लोगों की आस्था पर प्रहार, प्रभावित ग्रामीणों ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

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कोरबा। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र और पीएनसी कंपनी की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर ग्राम नराईबोध एवं मनगाँव के ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए घोषणा की है कि यदि उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं तो 10 फरवरी से कोयला उत्पादन और परिवहन पूरी तरह ठप्प कर दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि पीएनसी कंपनी के कर्मचारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके पुश्तैनी गाँवों की भूमि पर खनन कार्य शुरू कर दिया। इस प्रक्रिया में न केवल उनकी जमीन प्रभावित हुई बल्कि उनके पूर्वजों की अस्थियों मठों और पवित्र धार्मिक स्थलों को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया है। ग्रामीणों ने इसे अपनी आस्था और संस्कृति पर सीधा प्रहार बताया है । ग्रामीणों की प्रमुख है कि मृतकों के परिजनों को कंपनी की नीति के अनुसार किराया-भाड़ा सहित त्वरित मुआवजा राशि का भुगतान किया जाए। भूमि अर्जन के बदले ग्राम-नराईबोध के प्रभावित निवासियों को सम्मानजनक वैकल्पिक रोजगार दिया जाए।क्षतिग्रस्त किए गए मठों और धार्मिक स्थलों के सम्मान की बहाली की जाए।ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और एसईसीएल प्रबंधन के नाम लिखित शिकायत सौंपा है।ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रबंधन की अनदेखी ने उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है। अगर 10 तारीख तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती तो गेवरा क्षेत्र में कोयला खदानों में चक्काजाम कर दिया जाएगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और कंपनी की होगी।

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