प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से औद्योगिक विवाद अधिनियम लागू करने की मांग, इंटक को लाभ पहुंचाने कांग्रेस ने औद्योगिक संबंध अधिनियम को किया निरस्त: बीएमएस
कोरबा। औद्योगिक विवाद अधिनियम लागू करने बीएमएस ने की सीएम से मांग कोरबा। भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास में उनसे मुलाकात की। औद्योगिक संबंध अधिनियम को निरस्त कर औद्योगिक विवाद अधिनियम लागू करने सीएम से मांग की। बीएमएस प्रतिनिधियों ने उन्हें अवगत कराया कि वर्ष 2012 में डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने औद्योगिक विवाद अधिनियम लागू करके श्रमिक क्षेत्र में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया था, जिसे कांग्रेस की सरकार ने निजी स्वार्थ को लेकर इंटक को लाभ पहुँचाने के लिए सन 2021 में फिर से औद्योगिक संबंध अधिनियम को लागू कर दिया। प्रतिनिधियों ने कहा कि बालको जैसे संवेदनशील उद्योग में एकतरफा बिना चुनाव के साथ ही इंटक यूनियन को मान्यता दे दिया। प्रतिनिधियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांग को गंभीरता से लेते हुए पुन: औद्योगिक विवाद अधिनियम को लागू करने का आश्वासन दिया। इसी प्रकार विद्युत कंपनी में रिक्त पदों पर कर्मचारी अधिकारी की भर्ती, पुरानी पेंशन की बहाली तथा संविदा में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों को घोषणा पत्र के अनुसार नियमितीकरण की माँग की गई। तकनीकी आईटीआई, टीडी कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर चर्चा की गई। इसके अलावा विद्युत कंपनी में कार्यरत कर्मचारी अधिकारी जो स्टेग्नेट हो गए हैं उनको अवरोध भत्ता की माँग की गई।कार्यालयीन कर्मचारियों को की डिप्रेशन में भी छूट प्रदान करने की मांग उन्होंने की। इसके अलावा विभिन्न माँगो पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसके संबंध में सीएम ने संबंधित विभाग के चेयरमैन से चर्चा कर सकारात्मक निर्णय लेने का निर्देश दिया है। प्रतिनिधियों में भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय मंत्री राधेश्याम जायसवाल, पूर्व संगठन मंत्री योगेश दत्त मिश्र, पूर्व चेयरमैन कंस्ट्रक्शन बोर्ड मोहन एंटी तथा अन्य मौजूद रहे।
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