प्रतिबंधित बेअसर, सिंगल यूज प्लास्टिक जा सब्जी और किराना दुकानदार कर रहे उपयोग
कोरबा। बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक आसानी से मिल रहा है। यह स्थिति तब है जब निगम प्रशासन ने इस प्रतिबंध लगाया हुआ है। शहर में सब्जी या किराना दुकानदारों के पास यह प्लास्टिक आसानी से मिल जा रहा है। विक्रेता सिंगल यूज प्लास्टिक में ही सब्जियां या किराना सामान भरकर दे रहे हैं। निगम कार्रवाई नहीं कर रहा है।पर्यावरण के लिए नुकसानदेह होने के कारण सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर निगम प्रशासन ने रोक लगाया हुआ है। प्रशासनिक तौर पर सतत निगरानी में लापरवाही बरती जा रही। छह माह पहले वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जूट, पटसन व कागज की थैली के अलावा प्राकृतिक पत्तों से बने दोना पत्तल के कारोबार को बढ़ावा देने की जमकर पैरवी की जा रही थी। व्यवस्था को मूर्तरूप नहीं देने की वजह से एक बार फिर से प्रदूषण फैलाने वाली प्लास्टिक कचरों का ढेर बढऩे लगा है। सिंगल यूज 0.5 माइक्रान मोटी प्लास्टिक वस्तुओं के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, विक्रय और उपयोग पर राज्य सरकार ने साल भर पहले से प्रतिबंध लगा रखा है। मैदानी स्तर में अब तक प्लास्टिक का उपयोग बंद नहीं हो सका है। प्रतिबंध लगने के कुछ माह तक साप्ताहिक बाजार व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में जमकर कार्रवाई हुई। परिणाम देख कर लग रहा था कि जैसे सिंगल यूज प्लास्टिक की उपयोगिता जड़ से समाप्त हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बाजार में सहजता से उपलब्ध होने की वजह से प्लास्टिक झंडे, प्लास्टिक स्टिकर सहित ईयर बड में उपयोग होने वाले प्लास्टिक स्टिक, कैंडी स्टीक, आईस्क्रीम स्टीक, सजावट में उपयोग किया गया थर्माकोल, प्लास्टिक के कप, प्लेट, ग्लास, चमच, चाकू को फिर से उपायोगिता में देखी जा रही है। आम चलन से बढक़र अब सिंगल यूज का प्लास्टिक निमंत्रण पत्र, पानी पाउच, बाटल, सिगरेट पैकेट को कवर करने वाली पैकिंग बैनर पोस्टर में उपयोग किया जाने लगा है। विडंबना यह है कि प्रतिबंध के बाद भी बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक को बढ़ावा देनेे वाले सामानों की आपूर्ति हो रही है। जिन जगहों से इस तरह के सामान तैयार होते हैं वहां तक प्रशासन की पहुंच नहीं होने की वजह से आसानी से आपूर्ति की जा रही। इन सामानों के बदले वैकल्पिक सुविधा जैसे जूट, पटसन का झोला व दोना पत्तल के कारोबार का दायित्व शहर व उपनगरीय क्षेत्र महिला समूह के हवाले कर व्यवस्था को पटरी में लाई जा सकती है। इस दिशा में व्यापक पहल नहीं किए जाने से सिंगल यूज प्लास्टिक की चलन की वजह से मिट्टी उर्वरा क्षमता के साथ प्रदूषण का ग्राफ फिर से बढऩे लगा है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के साथ मनुष्यों और जानवरों के लिए भी खतरनाक हैं।
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