कोरबा। युवक युवती मामूली जान पहचान के बाद करीब आ गए। वे दोनों शादी के बंधन में बंधकर जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाते रहे। इस बात से परिजन भी राजी थे, लेकिन साल भर बाद प्रेमी और उसके परिजनों ने युवती को अपनाने से इंकार कर दिया। यह बात प्रेमिका बर्दाश्त नही कर सकी। वह जंगल में चूहामार दवा का सेवन कर घर पहुंची। जानकारी होने पर परिजनों ने उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया, जहां दो दिनों तक चले उपचार के बाद पीड़िता की मौत हो गई।
करतला थानांतर्गत ग्राम बासिन (सेंद्रीपाली) में साधराम मंझवार निवास करता है। उसने अपनी पांच पुत्री व एक पुत्र का विवाह कर दिया है, जबकि रोजी मजदूरी कर पत्नी केवरा बाई के अलावा एक पुत्र व तीन पुत्रियों का पालन पोषण करते आ रहा था। उसकी एक पुत्री कृष्णा कुमारी 19 वर्ष ने चूहामार का सेवन कर ली, जिसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया गया था, जहां उपचार के दौरान युवती की मौत हो गई। अस्पताल पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई के दौरान पूछताछ की तो मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। साधराम और उसकी पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनकी पांचवें नंबर की पुत्री कृष्ण कुमारी बड़ी बहन कचरा बाई के पास श्रीमार में रह रही थी। जहां उसकी जान पहचान गेवरा बस्ती में रहने वाले रोशन कुमार मंझवार से हुई। वे दोनों आपस में मोबाइल पर बातचीत करते थे। दोनों ने ही शादी का फैसला कर लिया था। उनके इस फैसले से सजातीय होने के कारण दोनों पक्ष के लोग राजी थे,19फरवरी की दोपहर करीब तीन बजे कृष्णा श्रीमार से घर जाने की बात कहकर निकली थी। वह देर शाम बासिन स्थित घर पहुंची। इसके बाद लगातार उल्टी करने लगी। पूछताछ करने पर उसने चूहामार दवा का सेवन कर लेने की जानकारी दी। जहर सेवन की वजह पूछे जाने पर उसने परिजनों को बताया कि प्रेमी रोशन को उसके परिजन अपने साथ अलग अलग क्षेत्र लेकर जा रहे हैं। रोशन और उसके परिजनों ने उसे अपनाने से इंकार कर दिया है। यह सदमा वह बर्दाश्त नही कर सकी और उसने जान देने की नियत से चूहामार का सेवन कर ली। अस्पताल पुलिस ने परिजनों के बयान को दर्ज कर लिया। तत्पश्चात वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। मामले में युवक और उसके परिजनों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।मृतिका की मां केवरा बाई ने बताया कि हालत बिगड़ने पर वह अपनी बेटी कृष्ण कुमारी को केराकछार के बाद करतला सीएचसी लेकर गई थी, जहां बड़ी मशक्कत के बाद प्राथमिक उपचार किया गया। उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल भर्ती कराया गया था। घटना की जानकारी होने पर रविवार को रोशन मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचा, लेकिन वह कृष्णा को देखने तक नही पहुंचा। वह अस्पताल में घूमता रहा, इसके बाद सुबह आने की बात कहकर चला गया।
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