Sunday, February 22, 2026

फर्जी धान खरीदी रोकने पंजीकृत रकबा का किया जा रहा औचक निरीक्षण, गिरदावरी में त्रुटि मिली तो पटवारी पर होंगी कार्रवाई

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फर्जी धान खरीदी रोकने पंजीकृत रकबा का किया जा रहा औचक निरीक्षण, गिरदावरी में त्रुटि मिली तो पटवारी पर होंगी कार्रवाई

 

कोरबा। पारदर्शिता के साथ धान खरीदी करने की कवायद में प्रशासन जुटा हुआ है। किसानों की पंजीकृत रकबा के एक-एक दाना खरीदने शासन ने गाइडलाइन बनाई है, वहीं बिचौलिए समर्थन मूल्य पर धान ना खपा सकें इसे लेकर प्रशासन अलर्ट है। अधिकारी पंजीकृत रकबा का भौतिक सत्यापन भी कर रहे हैं। खेतों में धान की फसल पकने के बाद अब 14 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के लिए प्रशासन स्तर पर कई तरह की तैयारियां की गई हैं। इस बार राजस्व विभाग ने खेतों में बोए गए धान के अनुसार मोबाइल ऐप के जरिए रकबा का पंजीयन किया है। फर्जी धान खरीदी रोकने के लिए इस पंजीकृत रकबा का औचक निरीक्षण जिला स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। रेंडम आधार पर किसी भी खेत का चुनाव कर गिरदावरी का सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान यदि धान के बदले अन्य फसल खेत में बोया हुआ पाया गया, तब धान के रकबे में कटौती भी की जाएगी। धान खरीदी को पारदर्शिता के साथ पूर्ण कराने के लिए हर साल गाइडलाइन जारी की जाती है। नये नियमों का भी समावेश किया जाता है। बीते साल ई-पाश मशीन से किसानों को अंगूठा लगवाकर धान विक्रेता होने का सत्यापन किया गया था। इस बार रकबा सत्यापन के नियम को लागू किया गया है। दरअसल पंजीयन के दौरान कई किसान अपने धान के रकबा के साथ उन रकबों का भी पंजीयन करा लेते हैं, जिसमें धान के बदले सब्जी या अन्य फसल की बोआई की गई होती है। इसी बढ़े हुए रकबे का फायदा उठाते हुए बिचौलिए किसानों को लालच देकर अपना धान समितियों में खपा लेते हैं। जिले में धान खरीदी के लिए 65 उपार्जन केंद्र संचालित हैं। 41 समितियों के माध्यम से संचालित हो रहे इन केंद्रों में किसानों के पंजीकृत संख्या के आधार पर आनावारी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। तहसील स्तर पर कुल धान उपज के रकबा के बाद अनुविभाग और अंत में जिला स्तर पर उपज का आंकलन किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि धान खरीदी के दौरान राजस्व विभाग ने पटवारी के माध्यम से गिरदावरी का मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीयन किया है। यदि इसमें त्रुटि पाई जाती है तो पटवारी पर भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वह खेतों में जाकर मोबाइल ऐप में दर्ज किए गए पंजीयन के आधार पर धान के रकबे का सत्यापन करेंगे। इस दौरान यदि रकबा बढ़ा हुआ पाया जाता है तो इसे बढ़ाया जाएगा। यदि धान के रकबा के तौर पर अधिक खेत दर्ज है, और मौके पर किसी अन्य फसल की बोआई की गई है। तब इसमें कटौती भी की जाएगी। इस नियम से बिचौलियों द्वारा अवैधानिक तौर पर जो फर्जी धान खपाया जाता है उस पर भी लगाम लगाया जा सकेगा।

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