बांकी मोंगरा नगर की प्रमुख चौपाटी, जो आम नागरिकों, परिवारों एवं युवाओं के लिए मनोरंजन एवं चटपटा जायका का केंद्र मानी जाती थी, जिसका अस्तित्व पे खतरा मंडरा रहा है आज असामाजिक तत्वों की शराबखोरी का अड्डा बनती जा रही है। विशेष रूप से शाम ढलते ही चौपाटी के आसपास स्थित दुकानों एवं खुले स्थानों पर खुलेआम शराब सेवन किया जा रहा है।
गंभीर बात यह है कि उक्त चौपाटी के ठीक बगल में प्रेस क्लब का भवन स्थित है, जहां प्रतिदिन पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिकों का आना-जाना रहता है। इसके बावजूद इस क्षेत्र में शराबखोरी, गाली-गलौच, हुड़दंग और असामाजिक व्यवहार पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं दिखाई देता।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शराब के नशे में धुत्त तत्वों के कारण महिलाओं, बच्चों एवं परिवारों का चौपाटी में आना-जाना प्रभावित हो रहा है। कई बार विवाद एवं झगड़े की स्थिति भी निर्मित हो चुकी है, जिससे कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
प्रशासन एवं पुलिस विभाग से अपेक्षा है कि तत्काल प्रभाव से इस क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग, अवैध शराब सेवन पर सख्त कार्रवाई तथा चौपाटी क्षेत्र को पुनः सुरक्षित एवं सभ्य वातावरण प्रदान किया जाए।
अधिवक्ता अमित सिन्हा में बताया कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति किसी गंभीर अप्रिय घटना को जन्म दे सकती है।
यह विषय न केवल सार्वजनिक शांति से जुड़ा है, बल्कि नगर की छवि और प्रेस की गरिमा से भी प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई उचित कार्यवाही नही की जाती है तो शिकायत उच्चाधिकारियों तक कि जाए । बांकी मोंगरा में रोज कई अप्रिय घटना सुनने को मिल रहा है आज कई छोटे बच्चे यह सब देख कर बिगड़ते जा रहे है अगर पब्लिक पैलेस से लगे जगहों में खुले आम शराब खोरी कीजा रही और उसपर कोई उचित कार्यवाही नही होती तो निश्चित ही आगे बच्चो की भविष्य खतरे में पड़ जाएगी।
अधिवक्ता ने मीडिया में प्रेस विग्यप्ति जारी कर निवेदन किया है कि समय रहते रोक थाम किया जाए।
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