कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य बिजली कंपनी में ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) लागू कराने को लेकर कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। प्रबंधन के साथ हाल ही में हुई वार्ता में कर्मचारी महासंघ को इस दिशा में ठोस और सकारात्मक निर्णय का आश्वासन मिला है। संगठन को उम्मीद है कि जल्द ही कर्मचारियों के हित में ठोस फैसला लिया जा सकता है।
यदि बिजली कंपनी में ओपीएस लागू होती है तो इसका लाभ अप्रैल 2004 और इसके बाद नियुक्त हुए लगभग 1 हजार अधिकारी एवं कर्मचारियों को मिलेगा। वर्तमान में केवल अप्रैल 2004 से पूर्व नियुक्त कर्मचारी ही ओल्ड पेंशन स्कीम के दायरे में हैं, जबकि बाद में नियुक्त कर्मचारियों को न्यू पेंशन स्कीम के अंतर्गत रखा गया है। बिजली कंपनी में ओपीएस लागू करने की मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों की ओर से समय-समय पर आंदोलन किए जाते रहे हैं। कुछ माह पहले ही छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ महासंघ के नेतृत्व में चरणबद्ध आंदोलन किया गया, जिसके बाद प्रबंधन ने आमंत्रित किया। इस मुद्दे पर हाल ही में हुई बैठक में विस्तार से चर्चा हुई और संगठन को जल्द सकारात्मक निर्णय का भरोसा दिलाया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि शासकीय कर्मचारियों की तरह बिजली कंपनी के कर्मचारियों को भी ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ मिलना कंपनी के तीनों कंपनियों में 12 हजार चाहिए। छत्तीसगढ़ राज्य बिजली से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। छत्तीसगढ़ राज्य बिजली कंपनी के अंतर्गत उत्पादन, वितरण और पारेषण कंपनियों में वर्तमान में 12 हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 3 हजार कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति अप्रैल ओपीएस के दायरे में आते हैं। वहीं 2004 से पहले हुई थी और वे अप्रैल 2004 के बाद बाद नियुक्त लगभग 9 हजार अधिकारी-कर्मचारी अभी भी न्यू पेंशन स्कीम के अंतर्गत है।
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