कोरबा। घर की बाड़ी मे सूख रहे बटुरा को खाते देख बैल को भगाना वृद्धा के लिए महंगा साबित हुआ। बैल भागते समय ईट गारे से बने खंभे से टकरा गया। बैल की ठोकर लगते ही खंभा भरभराकर गिर गया, जिसके नीचे दबने से वृद्धा घायल हो गई। उसे मलबे के नीचे से बाहर निकाल पाली सीएचसी के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया गया, जहां इलाज के दौरान बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। मामले में अस्पताल पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई की है।
घटना पाली थानांतर्गत ग्राम अलगीडांड़ की है। यहां राजेंद्र सिंह कंवर निवास करता है। वह खेती किसानी कर अपने परिवार के अलावा बुजुर्ग मां लछन कुंवर कंवर 70 वर्ष का भी पालन पोषण करता था। उसने बटुरा की खेती की थी। जिसकी फसल लेने के बाद बटुरा को घर की बाड़ी में सुखाया था। प्रतिदिन की तरह शनिवार की दोपहर करीब 3 बजे परिवार के सभी सदस्य अपने अपने काम में व्यस्त थे। उसकी मां लछन कुंवर आंगन में बैठी थी। इसी दौरान उसकी नजर बटुरा को खा रहे बैल पर गई। वह बैल को भगाने बाड़ी में पहुंची। उसे देखते ही बैल सरपट भागने लगा। इस बीच बैल बाड़ी में ईट गारे से बने खंभे से टकरा गया। बैल की ठोकर से खंभा भर भराकर गिर गया। जिसके मलबे के नीचे वृद्धा दब गई। उसकी चीख पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह वृद्धा को मलबे से बाहर निकाला। उसे इलाज के लिए पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार पश्चात बुजुर्ग महिला को सघन उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान रविवार की सुबह वृद्धा की मौत हो गई। मेमो के आधार पर अस्पताल पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई उपरांत शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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