भाजपा प्रत्याशी के वाहन में मिला साढ़े 11 लाख कैश, पुलिस ने किया जप्त, शाम में गृहमंत्री अमित शाह ने सभा में नैतिकता का पढ़ाया था पाठ, कुछ घंटे में ही खुल गई धन बल के झूठे नारे की पोल
कोरबा। छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेता खुद को गरीब, झुग्गी झोपड़ी वासी और धनबल की टिप्पणी करने वाले, भाजपा प्रत्याशी को पुलिस ने देर रात 1:00 बजे नगद साढ़े 11 लाख रुपए के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया है। वैसे तो यह घटना पाली तानाखार के पसान की है। जहां भाजपा प्रत्याशी रामदयाल उईके के वाहन से कैश बरामद किया गया है। विपक्षी कह रहे हैं कि दरअसल भाजपाइयों का असली चरित्र यही है। एक दिन पहले अमित शाह कोरबा में आए और नैतिकता का पाठ पढ़ाया। अब लोगों को यह पता चल गया है कि उस नैतिकता के पीछे का असली ज्ञान क्या है। कोरबा प्रत्याशी लखन बात-बात में धन-बल कहते हैं, अब यह बात खुल चुकी है कि कौन से पार्टी धनबल से कौन चुनाव लड़ रहा है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है वही राष्ट्रीय पार्टी के पहले प्रत्याशी है जिनसे इतने बड़ी रकम पुलिस ने प्रत्याशी के साथ रंगे हाथ पकड़ाया हैं। इस बात के कलई खुल चुकी है। वही सूत्रों की माने तो रामदयाल की तरह लखन भी घूम-घूम पर पैसे बांट रहे हैं। इनके पास धन बल की कोई कमी नहीं है। रामदयाल और लखन में फर्क सिर्फ इतना है कि रामदयाल धर लिए गए। वही रात होते ही अपनी काली करतूत से लोकतंत्र को कलंकित करते हैं। ये वही लखनलाल हैं, जो कांग्रेस पर धन बल से चुनाव लड़ने का आरोप लगाते हैं। लेकिन अब इनके मुखौटे के पीछे का असली चेहरा लोगों के सामने आ चुका है। भाजपा प्रत्याशी के पकड़े जाते ही यह प्रमाणित हो चुका है कि भाजपा चुनाव में धनबल का उपयोग कर जनता को प्रलोभन दे रही है। वही सूत्रों की माने तो लखन लाल ने बनाई हैं करोड़ों की बेनामी संपत्ति,दरअसल ये धनबल से चुनाव लड़ रहे हैं और चतुराई से लोगों को बेवकूफ बनाना चाहते हैं। लेकिन अब रामदयाल उईके के पकड़े जाने के बाद लखन का भी असली चेहरा भी लोगों के सामने आ चुका है। वही सूत्र बताते हैं कि गरीब नहीं परिवार आलीशान मकान और पेट्रोल पंप के मालिक हैं। कोरबा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी लखन लाल देवांगन सभाओं में बोले हैं,और कह रहे हैं कि वह गरीब हैं। वह कहते हैं कि भाजपा ने एक गरीब व्यक्ति को टिकट दिया है। अब यह तो एक हादसे की तरह ही होगा यदि कोई लखन लाल देवांगन जैसे व्यक्ति को गरीब समझने की भूल करे। झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने में प्रत्याशी को महारथ हासिल है। लखन लाल देवांगन एक बेहद संपन्न व्यक्ति हैं। उनके परिवार के लोगों के नाम पर करोड़ों के जमीन ज़ायदाद दर्ज है। इनका खुद का घर बेहद आलीशान घर है। इतना ही नहीं परिवार के लोग पेट्रोल पंप का संचालन भी करते हैं। अगर ऐसे में भी वह खुद को गरीब कहते हैं, तो आप सोचिए कि जो कोरबा शहर के आसपास झोपड़पट्टी में निवास करते हैं। जिनके घर खपरैल के हैं, और जो दो वक्त की रोटी के लिए मजदूरी करते हैं। आखिर वह लोग कौन हैं? लखन बड़ी चतुराई से खुद को एक गरीब की तरह पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन वह यह भूल रहे हैं की जनता इतनी मूर्ख नहीं है। जितना कि वह समझते हैं। जो उनके झांसे में आ जाए। वह भाजपा के पार्षद, महापौर और विधायक भी रहे हैं। आकूत संपत्ति के मालिक हैं। इसलिए अगर वह ऐसा कहते हैं कि वह गरीब हैं, तो यह सीधे-सीधे एक बड़ा झूठ है। उनके नाम पर फार्म हाउस, कई एकड़ जमीन और ढेर सारी संपात्ति है। जिसका उपयोग वह चुनाव में कर रहे हैं।
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एफआईआर दर्ज करने में देरी
इस पूरे मामले में पुलिस ने धारा 102 के तहत कैश तो जप्त कर लिया है, लेकिन रंगे हाथों कैश के साथ पकड़े जाने के बाद भी भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है। एफआईआर दर्ज करने में देरी को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कब तक एफआईआर दर्ज करती है
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