Sunday, March 1, 2026

भैसमा तहसीलदार केके लहरे पर लगा गंभीर आरोप, कलेक्टर से की गई शिकायत, बिना चढ़ावा काम तो दूर आवेदन तक नहीं लेते हैं तहसीलदार

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भैसमा तहसीलदार केके लहरे पर लगा गंभीर आरोप, कलेक्टर से की गई शिकायत, बिना चढ़ावा काम तो दूर आवेदन तक नहीं लेते हैं तहसीलदार

कोरबा। भैसमा तहसीलदार केके लहरे के द्वारा रिश्वतखोरी व भ्रष्ट्रचार किया जा रहा है। तहसील कार्यालय में सभी कार्यों पर रिश्वत के बिना कार्य नहीं किया जाता है। चाहे व कार्य आवेदन, स्कूली छात्रों का हो चाहे वह राजस्व या कोई अन्य कार्य बिना रिश्वत के आवेदन स्वीकार नही किया जाता है। उक्त गंभीर आरोप तहसील भैसमा के ग्राम चाकामार निवासी गोविन्द राम ने लगाते हुए मामले की शिकायत कलेक्टर से की है।
कलेक्टर से किए गए शिकायत में कहा गया है कि आवेदक से सीधे तौर पर किसी भी आवेदन को स्वीकार नही किया जाता, कोई न कोई बहाना बना कर वापस कर देते है और आज, आना कल आना कहते है। आवेदन स्वीकार न करने का कारण पूछने पर कहते है, मैं यहां कानून बताने नहीं बैठा हूँ। और कहते है, अधिवक्ता से या कार्यालय सहायक (क्लर्क) से जाकर मिलो। असली बात तो यही होता है। रिश्वत के रकम को व्यक्ति व्यक्ति को देख कर बताया जाता है। जब वह भी भूमि सीमांकन का आवेदन पत्र लेकर गया तो सीमांकन आदेश जारी करने के लिए तहसील में 5000 रूपये की मांग किया गया। तहसीलदार लहरे द्वारा न्यायालय व न्याय व्यवस्था की गरिमा को धूमिल किया जा रहा है। भैसमा तहसील क्षेत्र सर्वोच्च बहुमूल्य आदिवासी क्षेत्र है, यहां के लोग सीधे-साधे व कम पढ़े लिखे है इसका भरपूर फायदा तहसीलदार के द्वारा उठाया जा रहा है। पीड़ित ने तहसीलदार के.के. लहरे पर तत्काल कार्यवाही करने की मांग की है।

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