माय सिकल एप की मदद मोबाइल पर मिलेगी मदद, खुद की केयर कर सकेंगे मरीज
कोरबा। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीना आर्मो के मार्गदर्शन में एक्सपर्ट की टीम ने इस एप को तैयार किया है। इस एप को गूगल प्ले स्टोर से निशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। सिकल रोग आनुवांशिक बीमारी है। माता-पिता से बच्चों को मिलती है। सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर समस्या है। राज्य के सभी बड़े चिकित्सा संस्थानों में सिकल सेल जांच और इलाज की निशुल्क सुविधा होने के बाद भी जागरूकता की कमी से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है, यही वजह है कि सिकल सेल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब सिकल सेल के मरीज माय सिकल एप की मदद से खुद अपनी देखभाल कर सकेंगे। बीमारी में हीमोग्लोबिन की संरचना बिगड़ जाती है, जिस वजह से लाल रक्त कणिकाएं सिकल या हंसिए के आकार का होने के बाद जल्दी टूट जाते हैं और आपस में चिपक कर डल्ले बना कर रक्त नलिकाओं को बंद कर देते हैं।ऐसा होने से विभिन्न अंगों में खून का बहाव बंद हो जाता है और मरीज को तेज दर्द का अहसास होता है। सिकल सेल एनीमिया दो तरह के होते हैं। पहला होमोजाइगस यानी सिकल सेल रोग या बड़ा सिकल जिसमें माता-पिता से मिले दोनों जीन सिकल पीडि़त होते हैं। दूसरा हेटेरोजाइगस यानी सिकल वाहक या छोटा सिकल जिसमें माता-पिता से मिले दो में से कोई एक ही जीन सिकल पीडि़त होता है। एप को अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने बनाया है। यह एप सिकल पीडि़त व्यक्तियों की मदद के लिए पांच भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, गुजराती, उडिय़ा में उपलब्ध है।इसमें सिकल संबंधी लगभग सभी जानकारियां आसान भाषा में दी गई है।सिकल पीडि़त व्यक्ति स्वयं की देखभाल के लिए एप का उपयोग आसानी से कर सकते है। सिकल मरीज की देखभाल करने वाले परिजन, मितानिन, नर्सिंग स्टॉफ व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी भी इस एप का उपयोग कर सकते है।
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