कोरबा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के शुल्क में भारी वृद्धि कर दी है। वर्ष 2021 के बाद एक साथ परीक्षा शुल्क, आवेदन शुल्क, स्वाध्यायी छात्रों के पंजीयन व अनुमति शुल्क सहित करीब 22 मदों में बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। माशिमं के नए आदेश के अनुसार हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के नियमित परीक्षा शुल्क में बड़ा इजाफा किया गया है। अब तक परीक्षा शुल्क 280 रुपए, अंकसूची 100 रुपए और प्रायोगिक शुल्क प्रति विषय 80 रुपए मिलाकर कुल 460 रुपए लिए जाते थे। इसे बढ़ाकर अब 800 रुपए कर दिया गया है, यानी लगभग दोगुनी वृद्धि। इसी तरह नामांकन शुल्क 80 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए कर दिया गया है। अतिरिक्त विषय लेने वाले छात्रों को भी अब ज्यादा राशि चुकानी होगी। पहले अतिरिक्त विषय पर 110 रुपए शुल्क लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 250 रुपए कर दिया गया है। एक विषय की द्वितीय मुख्य अवसर परीक्षा के लिए अब 280 की जगह 400 रुपए देने होंगे, जबकि दो विषयों के लिए यह शुल्क 340 से बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है। दो से अधिक विषयों के लिए क्रेडिट योजना के तहत द्वितीय मुख्य अवसर परीक्षा शुल्क 640 रुपए से बढ़ाकर सीधे 1000 रुपए कर दिया गया है। अन्य मदों में भी बढ़ोतरी की गई है। ग्राह्यता शुल्क 310 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। परीक्षा केंद्र परिवर्तन कराने पर अब 240 की जगह 400 रुपए देने होंगे। विषय, माध्यम या संकाय परिवर्तन पर प्रति विषय शुल्क 200 से बढ़ाकर 400 रुपए कर दिया गया है। वहीं आवेदन शुल्क भी 80 से बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया गया है। शुल्क वृद्धि को लेकर अभिभावक संगठनों और छात्र संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ और बढ़ेगा। उनका कहना है कि पहले से महंगाई की मार झेल रहे मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी शिक्षा को और महंगा
बना देगी। वहीं मंडल प्रशासन का तर्क है कि प्रशासनिक खर्च और परीक्षा संचालन की बढ़ती लागत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
आवेदन शुल्क में 70 रुपए की बढ़ोत्तरी
आवेदन पत्र शुल्क में भी 70 रुपए की वृद्धि की गई है। पहले शुल्क 80 रुपए था, अब 150 रुपए देने होंगे। विलंब शुल्क 770 से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया गया है, जबकि विशेष विलंब शुल्क 1540 से बढ़कर 2000 रु. हो गया है। निर्धारित समय के भीतर नियमित आवेदन पत्र जमा नहीं करने पर पहले प्रति परीक्षा 31 दिसंबर तक 1540 रु. शुल्क लिया जाता था। अब इसके लिए 2000 रु. देने होंगे।
प्राइवेट नए छात्रों के लिए पंजीयन और अनुमति शुल्क 1540 से बढ़कर 2000 रुपए
प्राइवेट नवीन छात्रों के लिए पंजीयन एवं अनुमति शुल्क अब 1540 से बढ़ाकर 2000 रुपए कर दिया गया है। एससी और एसटी वर्ग के छात्रों को पहले जहां 560 रुपए देने होते थे, अब उन्हें 800 रुपए चुकाने होंगे। अग्रेषण शुल्क भी 60 की जगह 70 रुपए हो गया है। संपूर्ण विषय का परीक्षा का शुल्क 1230 से बढ़कर 1600 रुपए कर दिया गया है। वहीं एक विषय की परीक्षा के लिए शुल्क 280 से बढ़ाकर 500 और दो विषयों के लिए 340 की जगह अब 600 रु. निर्धारित किया गया है।
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