कोरबा। साप्ताहिक बाजारों के साथ शहर की खाली जगहों पर कब्जा करने वाले लोग अपनी जीविका की आड़ में स्कूल और कॉलेजों तक को छोड़ना नहीं चाहते हैं। इसका उदाहरण है गवर्नमेंट मिनीमाता गर्ल्स कॉलेज। दुकानदार कॉलेज परिसर के अंदर दुकान नहीं लगा रहे हैं, लेकिन बाहर का पूरा हिस्सा डेली मार्केट बन गया है। एरिया मुख्य गेट के कुछ हिस्सा को छोड़ दें तो सड़क के किनारे बाउंड्रीवॉल का पूरा दुकानों से पट गया है। बात यहीं खत्म नहीं होती, दुकानदारों ने तो कॉलेज के दूसरे गेट को भी नहीं छोड़ा है। घंटाघर के ठीक सामने मुख्य सड़क पर कॉलेज के सामने डेढ़ दर्जन से अधिक दुकानें रोज सजती हैं। इसमें खाने-पीने के सामान बेचने वालों के ठेलों के साथ साथ कंबल, कपड़ा, बेल्ट व चश्मा के साथ फल वाले भी शामिल हैं। छात्राओं के साथ कभी किसी तरह की अनहोनी न हो, इसके लिए कॉलेज प्रबंधन हर साल नगरीय प्रशासन को 2-3 बार पत्र लिखकर जगह खाली खाली कराने की मांग करता है, पर नतीजा नहीं निकला है। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज के गेट तक दुकानें लगी रहती हैं। अक्सर भीड़ होने से छात्रों बार को कॉलेज आने-जाने में असुविधा होती है। एक-दो नगर निगम के लोग पुलिस बल के साथ आते हैं और कार्रवाई करते हैं। पर खानापूर्ति कर लौट जाते हैं। कुछ दिन कॉलेज के सामने कब्जा नहीं दिखता है, पर इसके बाद फिर दुकानें सज जाती हैं। इसके लिए ठोस कार्रवाई नगरीय प्रशासन को करना होगा, अन्यथा आगे चलकर स्थिति और भी बिगड़ सकती है। गवर्नमेंट मिनीमाता गर्ल्स कॉलेज में एडमिशन और एग्जाम के दौरान छात्राओं की अधिक भीड़ रहती है। कॉलेज आने और वापस जाने के लिए छात्राएं विपरीत दिशा का उपयोग करने मजबूर होती हैं। वहीं घंटाघर ओपन थियेटर में अक्सर कोई न कोई आयोजन होते रहता है, जिससे कॉलेज के सामने की सड़क पर आवागमन का दबाव और भी बढ़ जाता है। ऐसे में कॉलेज के सामने लगने वाली अवैध दुकानों के कारण आवागमन के लिए जगह ही नहीं बचती है। इससे कॉलेज की छात्राओं के साथ ही सामान्य लोगों के लिए भी यह दुर्घटना का कारक बन जाता है।
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