मेंटनेंस के लिए डेढ़ महीने से बंद इकाई में शुरू होने के बाद फिर आई खराबी, मड़वा संयंत्र की 500 मेगावाट क्षमता वाली एक भी है बंद
कोरबा। एचटीपीपी की 4 नंबर इकाई को मेंटनेंस के लिए डेढ़ महीने के लिए बंद रखा गया था। मेंटनेंस के बाद यूनिट को तीन दिन पहले ही चालू किया गया था। एक बार फिर यूनिट में खराबी आने के कारण उत्पादन प्रभावित हो गया है। एचटीपीपी के साथ-साथ मड़वा संयंत्र की 500 मेगावाट क्षमता वाली एक और यूनिट भी तकनीकी खामियों से बंद है। एक साथ 710 मेगावाट क्षमता वाली यूनिटों के बंद रहने से बिजली उत्पादन पर असर पडऩे लगा है। हालांकि अभी ठंड के सीजन में बिजली की डिमांड में कमी आ रही है। अभी औसत डिमांड चार हजार से 4500 मेगावाट के बीच डिमांड आ रही है। इस वजह से सेंट्रल सेक्टर पर निर्भरता नहीं बढ़ी है। उत्पादन कंपनी द्वारा दोनों संयंत्रों के यूनिटों में आई खराबी को दूर करने का प्रयास कर रही है।बिजली की डिमांड चार हजार मेगावाट के करीब है, जबकि उत्पादन कंपनी के संयंत्रों से कुल 1900 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। जबकि सेंट्रल से 2100 मेगावाट तक बिजली की खरीदी की जा रही है। डीएसपीएम के दोनों यूनिट, एचटीपीपी के चार यूनिट और मड़वा संयंत्र की एक यूनिट से बिजली का उत्पादन हो रहा है।
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