कोरबा। जिले में रेडी टू ईट व फोर्टीफाइड आटा निर्माण के लिए समूह चयन की प्रक्रिया भर्राशाही की भेंट चढ़ गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद से नए नए प्रकरण सामने आ रहे हैं। अब एक बार फिर आयुक्त के न्यायालय से आदेश जारी होने के बाद विभाग सुर्खियों में है। विभाग द्वारा तीसरा स्थान हासिल करने वाली समिति को काम देने सीधे 15 अंक बढ़ा दिया गया। जिससे प्रथम स्थान में काबिज समिति को पृथक होना पड़ा, लेकिन आयुक्त के न्यायालय से समिति को न्याय मिला है। दरअसल शासन द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों में रेडी टू ईट व फोर्टीफाइड आटा सप्लाई की जिम्मेदारी स्व सहायता समूह को देने का निर्देश जारी किया गया था। शासन के निर्देशों का पालन करते हुए जिले के सभी परियोजनाओं में स्व सहायता समूहों से निविदा आमंत्रित किए गए थे। कटघोरा परियोजना में भी संतोषी स्व सहायता समूह मलगांव व जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह मुढ़ाली ने आवेदन प्रस्तुत किया था। चयन समिति द्वारा जांच उपरांत रेडी टू ईट व फोर्टीफाइड आटा निर्माण के लिए प्रारंभिक चयन सूची जारी की गई थी। सूची में संतोषी स्व सहायता समूह मलगांव 100 में 81 अंक के साथ प्रथम स्थान पर था, जबकि जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह को 68 अंक मिले थे। यह समिति सूची में तीसरे स्थान पर था। दावा आपत्ति के बाद जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह प्रथम स्थान पर आ गया। समूह को दावा आपत्ति में दस्तावेज प्रस्तुत करने पर नियम विरूद्ध 15 अंक दे दिए गए। जिससे संतोषी स्व सहायता समूह मलगांव पीछे रह गया। इस पूरे मामले में संतोषी स्व सहायता समूह ने न्यायालय आयुक्त बिलासपुर संभाग बिलासपुर में आवेदन प्रस्तुत कर दिया। समूह ने मामले में चयन प्रक्रिया को अपील के माध्यम से चुनौती दी थी। जिसे आयुक्त न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। आयुक्त न्यायालय ने परीक्षण उपरांत नियम विरूद्ध अंक हासिल करने वाले समूह को अपात्र पाए जाने पर संचालन से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इसके साथ ही अपात्र ठहराया गया समूह पात्र साबित हुआ है। मामले में विभाग को पृथक से नियुक्ति आदेश जारी करने कहा गया है। इसके साथ ही विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। कमिश्नर कोर्ट ने अपील के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों का अवलोकन किया। इस दौरान जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह के बैंक का स्टेटमेंट अवलोकन करने पर पाया गया कि 19 अप्रैल 2025 को तीन संव्यवहारों में 20 लाख जमा की गई है। जिसका स्त्रोत स्पष्ट नहीं है। 4 अप्रैल को समूहों से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाने विज्ञापन जारी किया गया था। उत्तरवादी 01 द्वारा 19 अप्रैल को 20 लाख जमा करना दर्शित किया है, जो स्पष्ट है। इसके अलावा अवलोकन के दौरान कुछ तथ्य भी मिले जो संदेहास्पद थे।
निष्पक्ष जांच से खुल सकती है पोल
जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में रेडी टू ईट सप्लाई व फोर्टीफाइड आटा निर्माण की चयन प्रक्रिया शुरू से ही चर्चा में रही है। यह प्रक्रिया उस समय सुर्खियों में आई जब चोटिया परियोजना में एक समूह का चयन निरस्त कर दिया गया। जिसकी वजह कार्य में रूचि नही लेना दर्शाया गया था। सूत्रों की माने तो इस पूरी प्रक्रिया में विभागीय अधिकारी, कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। जिसका खामियाजा स्व सहायता समूह के सदस्यों को भुगतना पड़ रहा है। यदि निष्पक्ष जांच की जाती है तो गड़बड़ झाला उजागर हो सकता है।
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