रेल्वे की मनमानी से यात्रियों में भड़क रहा आक्रोश, ट्रेनें हो रही लेट
कोरबा। यात्री ट्रेनों को आउटर में रोका जा रहा है। जिससे यात्री परेशान हो रहे हैं। दूसरी ओर मालगाड़ी का फेरा बढ़ रहा है। रेलवे प्रशासन कोरबा की यात्री गाडिय़ों को वापसी में ही नहीं यहां से जाने के समय भी विलंब करने में पीछे नहीं है।प्रमुख कारण पहले से मालगाडिय़ों का दबाव ऊपर से कोरबा से चांपा के बीच 5 घोषित हाल्ट स्टेशन के अलावा एक और हाल्ट जोडऩा है। हालांकि इस नए हाल्ट स्टेशन की कोई अधिकृत घोषणा नहीं की गई है, बावजूद इसके वहां हर हमेशा यात्री गाडिय़ों को रोकने का सिलसिला वर्षों से चला आ रहा है। अगर कभी कभार वहां यात्री गाड़ी को नहीं रोका गया तो आगे चांपा से पहले आउटर में रोकना जरूरी हो जाता है, क्योंकि अक्सर यात्री गाड़ी के समय आगे आगे मालगाड़ी को दौड़ाकर प्रबंधन यात्रियों को अकारण परेशानी में डाल देता है।यह नजारा अक्सर चांपा पहुंचने से पहले ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को देखने के लिए मिलता है। मालगाड़ी से 20 से 25 मिनट यात्री ट्रेन रोकना सामान्य बात हो गई है। यह स्थिति तब और बिगड़ जाती है, जिससे चांपा या बिलासपुर में कनेक्टिंग ट्रेन नहीं मिलती है। बालपुर से चांपा की दूरी 8 तो सिवनीसे 4 किलोमीटर है। तय समय सारणी के अनुसार बालपुर से किसी भी यात्रीगाड़ी चांपा की इस दूरी को 15 या 20मिनट में तय करना होता है पर इसमें देरी हो रही है। यही नहीं हसदेव एक्सप्रेस लिंक एक्सप्रेस को भी आउटर में रोका जा रहा है।इस वजह से ट्रेन विलंब हो रही है। चांपा होकर बिलासपुर व रायपुर की जाने वाली किसी भी यात्री गाड़ी को कोरबा व चांपा रेलखंड में विलंब करने का कारण मालगाड़ी को प्राथमिकता देना होता है। कोरबा से निकलने वाली ट्रेन स्टापेज के साथ आगे नहीं बढ़ पाती है, क्योंकि ट्रेन के आगे मालगाड़ी को कर दिया जाता है,जो चांपा से पहले सिवनी में तो रुकती ही हैं। चांपा से पहले आउटर में मालगाड़ी को रोक दिया जाता है।
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