कोरबा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं ने आईटीआई चौक में धरना प्रदर्शन किया। लंबित मांगों को लेकर धरना दो दिवसीय धरना प्रदर्शन का गुरुवार को आगाज हुआ। कार्यकर्ता सहायिकाओं ने कहा कि उन्हें शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। जिस तरह से शिक्षा कर्मी पंचायत कर्मियों को नीति बनाकर नियमित किया गया उसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को भी शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाये। न्यूनतम वेतन प्रदाय किया जाए। शासकीय कर्मचारी घोषित होने तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रतिमाह रु.26000 एवं सहायिका को रु 22100 वेतन स्वीकृत किया जाए। मध्यप्रदेश के तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000 रु की वृध्दि किया जाए।बुढ़ापे के सहारा के लिये समाजिक सुरक्षा के रूप में सेवानिवृत्ति और आकस्मिक मृत्यु पर एक मुश्त ग्रेच्युटी/मासिक पेशन और समूह बीमा का लाभ दिया जाये। इसके लिए नीति बनाई जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच के प्रान्तीय आह्वान पर ध्यानाकर्षण करने हेतु छत्तीसगढ़ के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में 26 एवं 27 फरवरी दो दिवस काम बंद कर सभी जिलो में धरना रैली प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। 8 मार्च तक मांगो की पूर्ति नही होने की स्थिति में संयुक्त मंच द्वारा आंदोलन को विस्तार करते हुए 9 मार्च विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है।
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