कोरबा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने देश की औद्योगिक प्रगति में सक्रिय साझेदारी करते हुए माल परिवहन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड समय में 200 मिलियन टन से अधिक की ओरिजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग का महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 12 जनवरी को मात्र 287 दिनों में 200.74 मिलियन टन फ्रेट लोडिंग पूर्ण कर यह उपलब्धि हासिल की। यह प्रदर्शन पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 295 दिनों में प्राप्त 200.15 मिलियन टन के पूर्व सर्वोच्च रिकॉर्ड से भी बेहतर है, जो रेलवे की परिचालन दक्षता, सुदृढ़ योजना एवं प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है ।
इस दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों मंडलों द्वारा लदान में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुये उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। बिलासपुर मंडल ने कुल लदान 149.75 मिलीयन टन प्राप्त किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि से 2.7 फीसदी वृद्धि के साथ भारतीय रेलवे में प्रथम स्थान है। इसके साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कोयला लोडिंग में भी भारतीय रेलवे में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए 154.36 मिलीयन टन लोडिंग की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 3.02 फीसदी(4.53 मिलीयन टन) की वृद्धि को दर्शाता है । वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल का कमीशन, रैपिड लोडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, 8 रैपिड लोडिंग सिस्टम (आरएलएस) एवं 23 साइलो संचालित करते हुये। आरएलएस टर्मिनलों पर 62.3 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि, गुड्स शेड विकास, 44 गुड्स शेड में उन्नयन कार्य, 62 गुड्स शेड पर सीसीटीवी स्वीकृत (14 स्थापित), 5 स्थानों पर ड्रोन मॉनिटरिंग प्रोजेक्ट, फ्रेट योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राहक आधार पर साईडिंग सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार, 82 ग्राहकों के लिए ई-पेमेंट सिस्टम की समीक्षा/नवीनीकरण तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नए ग्राहकों का ऑनबोर्डिंग जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया। यह उपलब्धि बेहतर परिसंपत्ति उपयोग, सशक्त ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण, सतत निगरानी एवं विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। यह कीर्तिमान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा, टीमवर्क और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उपलब्धि पर महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के कुशल मार्गदर्शन में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का यह प्रदर्शन न केवल भारतीय रेलवे में उसकी अग्रणी भूमिका को और सुदृढ़ करता है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में कुशल, विश्वसनीय एवं ग्राहक-केंद्रित लॉजिस्टिक सेवाओं के माध्यम से उसके महत्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित करता है।
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