कोरबा। रामपुर विधानसभा के विधायक फूल सिंह राठिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि काम की राजनीति करते हैं। श्री राठिया की सक्रिय पहल से 23.50 किमी ग्रामीण सड़कों को स्वीकृति मिली है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कोरबा जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक फूलसिंह राठिया की निरंतर सक्रियता और प्रभावी पहल के परिणामस्वरूप जिले में कुल 23.50 किलोमीटर लंबाई की ग्रामीण सड़कों के निर्माण एवं अनुरक्षण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं पर 2175.59 लाख (जीएसटी सहित) की लागत आएगी। यह स्वीकृति बैच-वन, वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रदान की गई है। प्रस्तावित सड़कों का निर्माण करतला एवं कोरबा विकासखंड में किया जाएगा, जिससे वर्षों से बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित ग्रामीण अंचलों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जा सकेगा। इन परियोजनाओं में चोरभट्टी से तराईमार वाया कछार (7.40 किमी) सबसे लंबा मार्ग है, जिसकी अनुमानित लागत 696.87 लाख निर्धारित की गई है। करतला विकासखंड में बेहरचुंवा रोड से बिंझकोट, नोनदरहा मेन रोड से बरभाठा, चिचोली रोड से मैनपारा जैसे मार्गों को स्वीकृति मिली है। वहीं कोरबा विकासखंड में चाकामार मेन रोड से हथीमुढ़, गोढ़ी मेन रोड से दैहानभाठा, बासीन रोड से कोदवारी तथा सुर्वे मेन रोड से अकदाहा तक सड़क निर्माण कार्य प्रस्तावित है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इन परियोजनाओं का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार इन सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि कृषि उत्पादों की बाजार तक पहुंच आसान होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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ग्रामीण इलाकों को सड़क से जोड़ना मेरी प्राथमिकता: राठिया
विधायक फूल सिंह राठिया ने कहा कि ग्रामीण इलाकों को सड़क से जोड़ना मेरी प्राथमिकता है। जब तक गांव मजबूत नहीं होंगे, तब तक जिला और प्रदेश मजबूत नहीं हो सकता। श्री राठिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं होतीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक प्रगति की आधारशिला होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता दूरस्थ गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना है और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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