वेतन विसंगति को लेकर एआईएसीई करेगा प्रदर्शन, 30 अक्टूबर को धरना प्रदर्शन की चेतावनी
कोरबा। कोल इंडिया में अधिकारी कर्मचारियों के बीच दरार बढ़ती जा रही है। प्रबंधन को लगातार आंदोलन की चेतावनी दी जा रही है। ई-थ्री ग्रेड के कोयला अधिकारियों का वेतन सीनियर कर्मचारियों से कम होने व डीपीई गाइड लाइन का पालन नहीं किए जाने का आरोप आल इंडिया एसोसिएशन आफ कोल एक्जीक्यूटिव (एआईएसीई) के संयोजक ने लगाया है।
संयोजक पीके सिंह राठौर ने कहा कि इससे अधिकारियों में हताशा व्याप्त है। इस समस्या का निदान किए जाने सकारात्मक पहल की जाए, ताकि अधिकारियों का वेतनमान कम न हो। उन्होंने कहा कि समस्या का निदान नहीं होने पर कोल इंडिया मुख्यालय व सिंगरैनी के हैदराबाद मुख्यालय के समक्ष 30 अक्टूबर को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कोल इंडिया के चेयरमैन व एससीसीएल सिंगरैनी कंपनी के सीएमडी को आंदोलन की नोटिस थमा दी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस दौरान काफी संख्या में अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
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इधर ट्रेड यूनियन के हड़ताल को टालने की कोशिश
कोयला अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज श्रमिक संघ प्रतिनिधियों ने पांच अक्टूबर से तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की थी, पर प्रबंधन से चर्चा के बाद 11 अक्टूबर तक टल गई। इस बीच केंद्रीय सहायक श्रमायुक्त के पास यह मामला पहुंच गया। इस श्रमायुक्त ने एसईसीएल, एससीसीएल व श्रमिक संघ प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की। इस बैठक में एटक, सीटू और आइएनएमएफ (आइएनटीयूसी) इंटक के प्रतिनिधि अनुपस्थित रहने पर श्रमायुक्त ने नाराजगी जताई। बैठक में प्रबंधन ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश प्रति और सीआईएल में श्रमिक संघ के साथ हुई बैठक की जानकारी दी। हड़ताल के मुख्य मुद्दे पर यूनियन और प्रबंधन दोनों के साथ लंबी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद, सीएलसी (सी) ने मामला न्यायाधीन होने के मद्देनजर यूनियनों को हड़ताल स्थगित करने की सलाह दी। साथ ही नतीजे का इंतजार करने की भी सलाह दी। चर्चा के दौरान बताया गया कि प्रबंधन की पहल पर हड़ताल स्थगित कर दी गई है। समस्या निदान नहीं होने पर 12 से 14 अक्टूबर तक हड़ताल की जाएगी। श्रमायुक्त ने औद्योगिक संबंध बनाए रखते हुए हड़ताल पर नहीं जाने कहा। साथ ही दोनों पक्षों की आपसी सहमति में सुलहनामा करने के लिए अगली बैठक 10 अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे आयोजित की है।
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