वेतन समझौता को हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की तैयारी, हाईकोर्ट ने वेतन समझौता के अनुमोदन को किया है रद्द
कोरबा। वेतन समझौता 11 को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले ने सीआईएल प्रबंधन और कोयला कामगारों के बीच हड़कंप मचा रखा है। इधर जल्द ही सीआईएल प्रबंधन हाईकोर्ट की डबल बेंच में मामले को लेकर अपील कर सकता है। एचएमएस की भी इसी तरह की तैयारी है। दूसरी ओर रांची में पांचो यूनियन नेताओं की बैठक हो रही है, देखना होगा कोर्ट के निर्णय पर क्या रणनीति बनती है। तत्कालिन चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल की एक्सरसाइज से डीपीई की विशेष छूट के बगैर कोयला मंत्रालय द्वारा एनसीडब्ल्यूए- 11 को लागू करने के लिए 22 जून, 2023 को अनुमोदन दे दिया गया था। एनसीडब्ल्यूए- 11 लागू भी हो गया और कोयला कामगारों को अगस्त से बढ़ा हुआ वेतन भी मिल गया। 23 माह के एरियर का भुगतान भी कर दिया गया। इधर आशंका थी कि एनसीडब्ल्यूए- 11 को लागू करने का मामला कानूनी तौर पर उलझ सकता है और यही हुआ। एनसीडब्ल्यू- 11 को निरस्त करने को लेकर कोल अफसरों ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट को बताया गया था कि एनसीडब्ल्यू- 11 को लागू करने में लोक उद्यम विभाग (डीपीई) के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 24/11/2017 में निहित प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। उच्च न्यायालय ने अपने 29 अगस्त, 2023 के आदेश के तहत कोयला मंत्रालय द्वारा एनसीडब्ल्यू- 11 को लागू करने जारी 20 जून, 2023 के अनुमोदन पत्र को रद्द कर दिया। कोर्ट ने आदेश जारी होने से 60 दिनों के भीतर डीपीई की गाइडलाइन का उल्लंघन हुआ है या नहीं इसकी जानकारी देने कहा है।
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तीसरी बैठक में ही डीपीई की अड़चन हो गई थी स्पष्ट
यहां बताना होगा कि सीआईएल ने जेबीसीसीआई की तीसरी बैठक में ही डीपीई के 24 नवंबर 2017 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम की अड़चन को स्पष्ट कर दिया था। चारों यूनियन ने इस पर सहमति जताई थी और डीपीई की गाइडलाइन में छूट देने की मांग किए जाने पर चर्चा हुई थी। इसी परिप्रेक्ष्य में 7 सितम्बर, 2022 को सीआईएल के निदेशक (कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध) विनय रंजन ने कोयला मंत्रालय को एक पत्र भेजा था। इसमें कोयला मंत्रालय को बताया गया था कि जेबीसीसीआई- की छह बैठकें हो चुकी हैं। प्रबंधन ने पत्र में कोयला मंत्रालय को बताया था कि जेबीसीसीआई के यूनियन सदस्यों को बताया जा चुका है कि डीपीई के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 24/11/2017 में निहित प्रावधानों के तहत ही वेतन समझौते को अंतिम रूप दिया जाना है, जैसा कि डीपीई गाइडलाइन के तहत अन्य सीपीएसई में वेतन समझौता होता है।
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