संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल का पड़ रहा असर, चिकित्सकीय अमला नदारद, ग्रामीण महिलाओं ने कराया प्रसव

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संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल का पड़ रहा असर, चिकित्सकीय अमला नदारद, ग्रामीण महिलाओं ने कराया प्रसव

कोरबा। जिले के पोड़ी-उपरोड़ा ग्राम पंचायत बंजारी में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बड़ी लापरवाही सामने आई। ग्राम पंचायत बंजारी की महिला भगवती कमरों को प्रसव पीड़ा के चलते सुबह करीब 12 बजे आयुष्मान आरोग्य मंदिर पोड़ी-उपरोड़ा लाया गया, लेकिन वहां महिला डॉक्टर मौजूद नहीं थी और न ही प्रसव के लिए आवश्यक स्टाफ उपलब्ध था। परिजनों ने महिला भगवती को तत्काल चोटिया रेफर करने की बात कही। इस बीच प्रसव पीड़ा अधिक होने के कारण परिजन व स्थानीय महिलाओं को मौके पर बुलाना पड़ा। ग्रामीण महिलाओं की मदद से प्रसव कराया गया, जिसमें जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। इसके बाद प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के बेहतर इलाज के लिए चोटिया रेफर कर दिया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की हड़ताल के कारण वर्तमान में नर्सिंग स्टाफ और आवश्यक स्वास्थ्यकर्मी अस्पतालों में नहीं पहुंच रहे हैं। इसी वजह से ग्रामीण अंचलों में गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ अन्य मरीजों को भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर डॉक्टर व स्टाफ की उपलब्धता होती तो महिला को ऐसी स्थिति से नहीं गुजरना पड़ता। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत और विभाग की लापरवाही को उजागर करती है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लें और हड़ताल की स्थिति का समाधान निकालें। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि गर्भवती महिलाओं, बच्चों और अन्य मरीजों को जीवनरक्षक सुविधाएं समय पर मिल सकें। हालांकि घटना को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी से चर्चा का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

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