कोरबा। रेलवे स्टेशन कोरबा की सेकंड एंट्री यात्रियों के लिए मुसीबत भरी है। यहां पहुंच मार्ग से लेकर एफओबी तक कोल व धूल की मोटी परत के बीच से गुजरना पड़ता है। हालत यह है कि कहीं-कहीं डस्ट और धूल की परत 2-3 मिलीमीटर से भी अधिक हो गई है। यहां साफ- सफाई तब होती है, जब कोई वरिष्ठ रेलवे अधिकारी दौरे पर पहुंचता है। सेकेंड एंट्री पर दोनों तक कोल साइडिंग है। यात्रियों की सुविधा के लिए एसईसीएल प्रबंधन को कोल साइडिंग क्षेत्र के साथ ही बाइपास सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव करना है, लेकिन यह रोजाना नहीं होता। इसके कारण लगातार धूल व डस्ट बढ़ रही है। रोजाना सफर करने वाले यात्री और रेलवे कर्मचारी भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों के ड्यूटी आने-जाने के लिए यह रास्ता सुगम है। इसके अलावा स्टेशन छोड़ने आने वालों को भी परेशानी होती है। सेकंड एंट्री पर लोग गाड़ियों को पार्किंग में रखने के लिए कवर लेकर जाने लगे हैं ताकि डस्ट और धूल से वाहनों को बचा सकें।
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