स्कूली बच्चों को दी जहरीले सांपों को पहचानने की ट्रेनिंग, सिखाए रेस्क्यू ऑपरेशन के गुर

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स्कूली बच्चों को दी जहरीले सांपों को पहचानने की ट्रेनिंग, सिखाए रेस्क्यू ऑपरेशन के गुर

कोरबा। नि:स्वार्थ युवा सेवा समिति ने तरदा हाई स्कूल में विशाल और भव्य जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में वर्ल्डलाइफ स्नेक रेस्क्यू टीम कोरबा ने ग्राम तरदा के हाई स्कूल में सभी स्कूल के छात्र-छात्राओं के बीच सांपों के संरक्षण के महत्व को बताया।
इन दिनों कोरबा जिले में सांपों के निकलने का सिलसिला काफी बढ़ गया है। ऐसे में सर्पदंश के मामले में भी काफी इजाफा हुआ है। इसको देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की बेहद आवश्यकता है। इसके लिए उन्हें जहरीले सांपों की पहचान और बचाव के गुर आने चाहिए। साथ ही प्रकृति को सहेजने के लिए इन सांपों का संरक्षण भी बेहद जरूरी है। इसको देखते हुए नि:स्वार्थ युवा सेवा समिति ने स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें स्कूली बच्चों को जहरीले सांप को रेस्क्यू को लेकर जानकारी दी गई। नि:स्वार्थ युवा सेवा समिति ने तरदा हाई स्कूल में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में वर्ल्डलाइफ स्नेक रेस्क्यू टीम कोरबा ने ग्राम तरदा के हाई स्कूल में सभी स्कूल के छात्र-छात्राओं के बीच सांपों के संरक्षण के महत्व को बताया गया। साथ ही सांपों को कैसे रेस्क्यू किया जाता है और जहरीले सांप की पहचान के अलावा विषहीन सांप का पहचान करवाया गया। बच्चों को बताया गया कि सांपों को मारना नहीं है। अगर सांप दिख जाए तो पहले खुद को सुरक्षित करना है। उसके बाद तत्काल रेस्क्यू टीम को सूचना देकर सांप का रेस्क्यू करवाएं। कार्यक्रम में जिले के सर्पमित्र जितेंद्र का स्कूल समिति द्वारा सम्मान किया गया।
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112 लोग हुए सर्पदंश के शिकार
जिले में रेंगती मौत का खतरा बढ़ गया है। शहरी, उपनगरीय व ग्रामीण अंचल में आए दिन लोग सर्पदंश के शिकार हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जून से अब तक (69 दिनों) में सर्पदंश के 112 मरीजों को इलाज के लिए दाखिल कराया गया। जिसमें बेहतर इलाज के दम पर 106 मरीजों की जान बचा ली गई, जबकि 6 मरीजों ने अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया।

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