Thursday, January 22, 2026

स्पीड ब्रेकर से बढ़ी समस्या, हटाने की मांग, बिना किसी आधिकारिक अनुमति के बना दिया है ब्रेकर

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कोरबा। शहर के वाल्मीकि अंबेडकर आवास वार्ड क्रमांक 14 में बिना किसी आधिकारिक अनुमति के बनाए गए स्पीड ब्रेकर ने मोहल्लेवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। बेतरतीब ढंग से और अनुपयुक्त स्थान पर बनाए गए इस अमानक गति अवरोधक के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। लगभग 200 मकानों की आबादी वाले इस मोहल्ले में स्पीड ब्रेकर को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले में आज बुधवार को सीएसईबी चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन पुलिस की सलाह के बावजूद स्पीड ब्रेकर नहीं हटाए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सीएसईबी चौकी प्रभारी को सौंपे गए लिखित शिकायत पत्र में शिकायतकर्ता प्रियंका यादव पिता आशाराम यादव, उर्मिला, मनोज लहरे, शहनाज, शांति, शुभम एवं मंगली बाई यादव ने बताया कि वाल्मीकि अंबेडकर आवास में लक्ष्मी साहू, सरस्वती साहू और कविता देवी साहू द्वारा बिना नगर निगम या किसी सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के मनमाने तरीके से स्पीड ब्रेकर का निर्माण करा दिया गया है। जिस स्थान पर यह स्पीड ब्रेकर बनाया गया है, वह तकनीकी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है, जिससे मोहल्लेवासियों को आवागमन के दौरान दुर्घटना का हमेशा भय बना रहता है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस अमानक स्पीड ब्रेकर के कारण कई लोग पहले ही गिरकर घायल हो चुके हैं। जब मोहल्लेवासी इसका विरोध करते हुए स्पीड ब्रेकर हटाने का अनुरोध करते हैं, तो संबंधित लोगों द्वारा धमकी, गाली-गलौज और दबंगई की जाती है। शिकायत के बाद सीएसईबी चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और स्पीड ब्रेकर हटाने की सलाह भी दी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कानून और तकनीकी मानकों के अनुसार बिना अनुमति के किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा बनाए गए स्पीड ब्रेकर गैरकानूनी होते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग, स्टेट हाईवे, मुख्य सडक़ों, आपातकालीन सेवाओं के रास्तों और आईआरसी मानकों के विपरीत बनाए गए स्पीड ब्रेकर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। इसके बावजूद शहर में इस तरह से मनमाने ढंग से स्पीड ब्रेकर बनाकर आम जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है। मोहल्लेवासियों ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि बिना अनुमति बनाए गए इस खतरनाक स्पीड ब्रेकर को तत्काल हटाया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ी और जानलेवा घटना घट सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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