कोरबा। हरी सब्जियों के दाम में कमी आने से ग्राहकों ने राहत की सांस ली है। दिसंबर की तुलना में जनवरी में सब्जियों के दाम में कमी आई है, लेकिन बात अगर पिछले साल की करें तो पिछले साल की तुलना में सब्जियों के दाम अभी भी महंगे हैं। पिछले 1 महीने के दौरान कई सब्जियों के दाम जरूर कम हुए हैं, लेकिन कुछ सब्जियां ऐसी हैं, जो अभी भी शतक के करीब हैं। सब्जी के दाम बढ़े होने के कारण सब्जी खरीदने वाले ग्राहक भी अपने बजट के आधार पर सब्जी की खरीदी कर रहे हैं। इस तरह की स्थिति मार्च तक बने रहने की संभावना है। मार्च के बाद फिर से एक बार सब्जियों के दाम गर्मी की वजह से बढ़ने लगेंगे। बाजार में सब्जी खरीदने पहुंचे ग्राहकों से बात की तो उन्होंने बताया कि पिछले महीने की तुलना में इस बार सब्जियों के दाम कुछ कम जरूर हुई है। टमाटर 50 रुपए की जगह पर 25 से 30 रुपए किलो बिक रहे हैं। फूलगोभी 80 रुपए प्रति किलोग्राम से कम होकर 40 से 50 रुपए के आसपास चल रहा है, लेकिन जो अपेक्षाएं सब्जी खरीदने वाले ग्राहकों को थी उस तरह की कमी सब्जियों के दाम में नहीं दिख रही। पिछले साल ठंड के महीने में टमाटर 3 से 5 रुपए किलो तक बिक रहा था, लेकिन इस बार टमाटर के दाम कम होने के बाद 25 से 30 रुपए किलो तक पहुंचा है। इसके साथ ही कुछ ऐसी सब्जियां हैं जिसके दाम अभी भी बढ़े हुए हैं। ऐसे में ग्राहक सब्जी खरीदने से कतरा रहे हैं। सब्जी के दाम बढ़े होने के कारण इसका सीधा असर रसोई के बजट पर भी पड़ता है। सब्जी खरीदने वाले ग्राहकों को अपने बजट पर भी ध्यान देना पड़ रहा है। महंगी सब्जी एक पाव या फिर आधा किलो ही खरीद रहे हैं। सब्जियों के दाम कम होते थे तो इन्हीं सब्जियों को ग्राहक 1 किलो या फिर 2 किलो तक खरीदी करते थे, लेकिन अभी ग्राहकों को एक पाव या आधा किलो सब्जी से ही काम चलाना पड़ रहा है।
30 फीसदी सब्जियों के दाम छू रहे आसमान
थोक सब्जी मंडी व्यापारी बताते हैं कि दिसंबर के महीने में स्थानीय सब्जी बाजार में आने लगते हैं। जिससे सब्जियों के दाम कम हो जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा देखने में नहीं आया। 70 फीसदी सब्जियों के दाम में एक महीने की तुलना में दाम कम हुई है, लेकिन 30 फीसदी सब्जियां ऐसी हैं, जिसके दाम अभी भी आसमान छू रहे हैं। हरी सब्जियों में मुनगा, हरी मिर्च, भिंडी, करेला, ढेंस जैसी सब्जियां महंगी हैं। सब्जी बेचने वालों को उम्मीद थी कि जनवरी के तीसरे सप्ताह तक सब्जियों के दाम कम होंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। पिछले साल की तुलना में इस बार सब्जियों के दाम बढ़े हुए हैं। वर्तमान समय में स्थानीय स्तर पर 50 और बाहरी राज्यों से भी 50 प्रतिशत सब्जी की आवक हो रही है। दूसरे राज्यों में गुजरात महाराष्ट्र पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों से सब्जियों की आवक कोरबा के साथ प्रदेश में हो रही है।
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