हसदेव नदी तट पर दर्री के रिवर व्यू गार्डन के बहुरेंगे दिन, वाटर स्पोर्ट्स की सुविधा शुरू करने की कवायद
कोरबा। शहर से 10 किलोमीटर दूर हसदेव नदी तट पर दर्री के रिवर व्यू गार्डन के दिन बहुरने वाले हैं। भविष्य में शहर के अंदर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रिवर व्यू गार्डन को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जाएगा। अब से लगभग 6 साल पहले यहां गार्डन का निर्माण हुआ था। करोड़ों रुपए की लागत से महंगे टाइल्स और नक्काशी वाली मूर्तियां लगाई गई थी, लेकिन अब वह सभी खंडहर होने की कगार पर है।डीएमएफ अंतर्गत किए गए कार्यो का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने शहर की आवश्यकता और मांग को ध्यान में रखते यहां वाटर स्पोर्ट्स की सुविधा शुरू करने की बात कही है। हसदेव नदी पर 6 साल पहले रिवर पॉइंट व्यू बनाने की योजना बनाई गई थी। पूरा प्रोजेक्ट लगभग ढाई करोड़ रुपए का था। नदी के किनारे रिवर व्यू के लिये एक खुला छत तो बना, लेकिन इसका संवर्धन नहीं हुआ। तब भी नदी में बोट उतारने की भी प्लानिंग की गई थी। खूबसूरत गार्डन का निर्माण हुआ, लेकिन यह गार्डन लगभग खंडहर में तब्दील होने के कगार पर है, हालांकि इसकी साफ-सफाई करा दी गई है। हसदेव नदी के तट पर दर्री में सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस है। यहां से हसदेव नदी का नजारा बेहद खूबसूरत होता है। करोड़ों की लागत से गार्डन का निर्माण भी हुआ, जबकि पहली बार इस प्लान का जिक्र लगभग 8 साल पहले तत्कालीन महापौर जोगेश लांबा के कार्यकाल में शुरू हुआ था। शहर के लोग सैर सपाटे के लिए यहां पहुंचते तो हैं, लेकिन खंडहर जैसी परिस्थितियों को देखकर मायूस हो जाते हैं। फिलहाल यहां किसी तरह की कोई सुविधा भी नहीं है। लोग यहां मनोरंजन के साथ ही सुकून के पल तलाशने आते हैं. शहर के आसपास इस तरह के मनमोहक स्थल कम ही देखने को मिलते हैं। यहां से नदी का नजारा बेहद खूबसूरत है। कुछ समय पहले खनिज न्यास मद से 46 लाख रुपए की लागत से रिवर प्वाइंट व्यू में 2 मोटर बोट की मांग की गई थी, लेकिन यह मोटर बोट खरीदने का प्रस्ताव पास ही नहीं हो पाया और रिवर प्वाइंट व्यू का उद्धार नहीं हुआ। फिलहाल यहां पर भू तल से 25 फीट ऊंचा एक खुले छत का निर्माण किया गया है। यहां कुछ लोग आकर नदी का नजारा देख पाते हैं, लेकिन रिवर प्वाइंट व्यू की वह परिकल्पना अभी अधूरी ही है।
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