Wednesday, February 11, 2026

12 फरवरी को तानसेन चौक में किया जाएगा धरना प्रदर्शन, किसान सभा ने देशव्यापी हड़ताल का किया समर्थन

Must Read

कोरबा। देशव्यापी मजदूर-किसान आंदोलन के तहत 12 फरवरी को पूरे देश में व्यापक हड़ताल और प्रदर्शन किए जाएंगे। इस दौरान चार श्रम संहिताओं को रद्द करने, समाप्त किए गए 28 श्रम कानूनों को बहाल करने, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लागत से डेढ़ गुना तय कर खरीद की कानूनी गारंटी, किसान कर्ज मुक्ति, किसान पेंशन, मनरेगा की बहाली तथा अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने आंदोलन का समर्थन करते हुए हड़ताल को सफल बनाने के लिए गांव गांव में प्रचार अभियान चलाने का निर्णय किया है। कोयला खदान बंद करने का आह्वान किसान सभा ने किया है। किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि देशभर में 30 करोड़ से अधिक मजदूर और किसान हड़ताल में भाग लेंगे। चार लेबर कोड लागू करने और मनरेगा को समाप्त करने की कोशिश के खिलाफ के साथ जिले के भू विस्थापितों की समस्याओं को भी आंदोलन में प्रमुखता से उठाया जाएगा। किसान सभा के अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर और सचिव दीपक साहू ने कहा कि हड़ताल को सफल बनाने के लिए गांव गांव में अभियान चलाया जा रहा है और किसानों से अपील कर रहे है कि हड़ताल को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों और किसानों के अधिकारों को नए कानून बनाकर छीनना चाह रही है, जिसका 12 फरवरी को किसान मजदूर एकजुटता के साथ हड़ताल को सफल बना कर जवाब देंगे। देशव्यापी हड़ताल के क्रम में 12 फरवरी को तानसेन चौक में धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, सीटू, किसान सभा, भू विस्थापित संगठन, परिवहन संघ के साथ कई संगठन भाग लेंगे। अभियान में जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, दामोदर श्याम, सुमेंद्र सिंह कंवर, रमेश दास, हरिशरण, हेतराम सहित कई कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं।

इसी तरह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला सचिव पवन कुमार वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानून को चार श्रम संहिता में बदल दिया है। वह कागज पर कानून है। जमीन पर ठेका, डर, छंटनी और चुप्पी का जाल है। श्री वर्मा ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं और मेहनतकश जनता से आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि 12 फरवरी को प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने के लिए सीपीआई मजदूरों, किसानों और ग्रामीण महिलाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर शामिल रहेगी।

Loading

Latest News

सिक्किम से 15-सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने किया गेवरा खदान का भ्रमण, हरित, सुरक्षित और आधुनिक कोयला खनन प्रक्रियाओं को देखा

कोरबा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) सिक्किम और छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वधान में...

More Articles Like This