Friday, February 27, 2026

27 फरवरी को गेवरा खदान बंद आंदोलन की चेतावनी, प्रबंधन व ठेका कंपनी के खिलाफ भड़का ग्रामीणों का आक्रोश

Must Read

कोरबा। एसईसीएल गेवरा प्रबंधन व ठेका कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है। कंपनी व प्रबंधन पर लिखित आश्वासन से मुकरने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने आरपास की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने 27 फरवरी को खदान बंद आंदोलन की चेतावनी दी है। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नरईबोध और मनगाँव के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे गया है। कोयला खनन के कारण विस्थापित और प्रभावित हुए ग्रामीणों ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। जिसके विरोध में 27 फरवरी से गेवरा खदान और पीएनसी कंपनी के कार्य को अनिश्चितकालीन बंद करने का ऐलान किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पीएनसी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के उनके पूर्वजों के मठों (धार्मिक स्थलों) को खोदकर फेंक दिया गया, जिससे उनकी धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। इसके अलावा जमीन अधिग्रहण के बदले मिलने वाले वैकल्पिक रोजगार और उचित मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में 10 फरवरी को उन्होंने खदान बंद करने की चेतावनी दी थी। उस दौरान 9 फरवरी को गेवरा प्रबंधन, पीएनसी कंपनी और ग्रामीणों के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह के भीतर पात्र ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और मठों के मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि लिखित आश्वासन दिए हुए लगभग दो सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन प्रबंधन ने अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया है।

यह है प्रमुख मांगें

0 पूर्व के समझौते के अनुसार स्थानीय युवाओं को तत्काल रोजगार

0 क्षतिग्रस्त मठों और धार्मिक स्थलों का उचित मुआवजा

0 क्षेत्र में उड़ रही उड़ रही धूल-डस्ट के रोकथाम के उपाय

Loading

Latest News

लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं ने भरी हुंकार, आईटीआई चौक में किया काम बंद हड़ताल

कोरबा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं ने आईटीआई चौक में धरना प्रदर्शन किया। लंबित मांगों को लेकर धरना दो दिवसीय धरना...

More Articles Like This