कोरबा। हिंदू धर्म में वैवाहिक मुहूर्त नहीं होने के कारण अब शादी समारोह होने में करीब एक माह से कम का समय है। नव वर्ष 2026 में जनवरी माह में एक भी विवाह का मुहूर्त नहीं है।ज्योतिषियों के अनुसार आगामी मुहूर्त 4 फरवरी से शुरू होंगे। इस लंबे अंतराल का लाभ वे लोग उठा सकते हैं, जिनके परिवारों में फरवरी से जुलाई तक किसी भी मुहूर्त में विवाह होना है। ऐसे परिवारों के लिए खुलकर और भीड़भाड़ वाले बाजार से मुक्त खरीदारी का अवसर मिल रहा है। वैवाहिक मुहूर्त पर विराम लगने के साथ ही बाजार में भी अपेक्षाकृत भीड़ कम होने लगी है। इसके कारण लोग आराम से अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। दुकानदार भी ऐसे ग्राहकों को सामान दिखाने पूरा समय देते हैं। इस अवधि को शॉपिंग फ्रेंडली पीरियड मानकर लोग ज्वेलरी, कपड़ा, सजावट, कैटरिंग और अन्य वस्तुएं आराम से खरीद रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुक्र ग्रह के अस्त होने से जनवरी माह में विवाह मुहूर्त नहीं हैं। शुक्र फरवरी तक अस्त रहेगा और इसके उदित होने के बाद 4 फरवरी से मुहूर्त शुरू होंगे। फरवरी से जुलाई तक कुल 63 दिन विवाह के मुहूर्त हैं, जबकि नवंबर-दिसंबर में केवल 18 दिन ही शादियां होंगी। मार्केट में क्रिसमस को लेकर दुकानदारों ने तैयारियां कर रखी थी। साथ ही नए साल के बाद वैवाहिक कार्यक्रम वाले परिजनों द्वारा किराना व बर्तन की खरीदारी इत्मीनान से की जा रही है। वेन्यू की बुकिंग अपनी पसंद के अनुसार आसान हो गई है। टेलरिंग और सजावट का काम समय पर पूरा करना भी संभव हो रहा है। कम से कम 15 जनवरी तक बाजार में भीड़ बहुत अधिक नहीं रहेगी, जिससे दुकानदार बड़ी स्कीमें और डिस्काउंट लाने की तैयारी कर सकेंगे। कपड़ा, ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में ग्राहकों को बेहतर विकल्प मिलेंगे।
रेडीमेड ज्वेलरी के साथ बनवाने हो रही बुकिंग
सराफा व्यापारियों ने बताया कि फरवरी और मार्च के विवाह के लिए लोग ज्वेलरी, कपड़ा, मनिहारी, सजावटी सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स खरीदना शुरू कर चुके हैं। ऐसे लोग दिसंबर और जनवरी को शॉपिंग फ्रेंडली पीरियड मानकर आराम से चयन कर रहे हैं। इस वजह से मेकिंग चार्ज और डिजाइन के बेहतर विकल्प मिलने की संभावना अधिक है और रेडीमेड ज्वेलरी के साथ ही लोग बनवाने भी बुकिंग कर रहे हैं।
साल 2026 में विवाह मुहूर्त
फरवरी: 4 से 8, 10 से 16
(12 दिन)
माच:र् 3 से 14 (12 दिन)
अप्रैल : 15, 20, 21, 25 से 30
(9 दिन)
मई: 1, 3 से 9, 12 से 14,
(11 दिन)
जून: 19 से 30 (12 दिन)
जुलाई: 1, 2, 6 से 8, 11, 12 (7 दिन)
नवंबर: 20, 21, 22 से 27,30 (7 दिन)
दिसंबर: 1 से 6, 9 से 13 (11दिन)
नोट: अलग-अलग पंचांग के अनुसार तिथि में अंतर हो सकता है।
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