60 हजार से 90 हजार हुए उपभोक्ता पर नहीं बढ़ी सुविधा, शहरी क्षेत्र के तीनों जोन में सुविधाओं की कमी
कोरबा। शहरी क्षेत्र में घरेलू और व्यवसायिक उपभोक्ताओं की संख्या करीब 90 हजार से अधिक हो गई है।उपभाक्ताओं में इजाफा सबसे अधिक पिछले 10 साल के भीतर हुई है लेकिन इसकी भी जिम्मेदारी तीन जोन कार्यालयों पर है। इस कारण बिजली वितरण से लेकर उपभोक्ताओं की समस्याओं के निराकरण में काफी विलंब हो रही है। जोन कार्यालयों की सुविधा नहीं बढ़ी है, जिससे उपभाक्ताओं के साथ कर्मियों को भी परेशान होना पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र में तुलसी नगर, दर्री जोन और पाड़ीमार जोन कार्यालय है। तीनों जोन कार्यालय में लगभग 90 हजार से अधिक घरेलू और व्यवसायिक बिजली कनेक्शन हैं। 10 साल पहले उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 60 से 65 हजार थी। इसके बाद से शहर के विकास के साथ ही कई बड़े-बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निर्माण हो गया और शहर में स्थाई से लेकर अस्थाई बिजली कनेक्शन, अवैध कब्जाधारियों की संख्या में लगातार इजाफा हुई। इससे उपभोक्ताओं की संख्या काफी बढ़ी है। इसका असर तीनों जोन कार्यालय पर पड़ रहा है। उपभोक्ता बिजली बिल में गड़बड़ी, बिजली गुल, कनेक्शन में खराबी से संबंधित कई शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कार्यालय में मेन पावर की कमी की वजह से उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान विलंब हो रही है। इस तरह की सबसे अधिक परेशानी बारिश, गर्मी और त्योहारी सीजन में होती है। चार माह पहले बिजली बिल में गड़बड़ी की भरमार थी। दफ्तर में उपभोक्ताओं की लंबी कतार लग रही थी। उपभोक्ताओं की लंबी कतार में खड़े होकर तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा था। तब कहीं जाकर समस्या का निराकरण हो पाता है। शहरी क्षेत्र में दर्री जोन क्षेत्र अंतर्गत कुसमुुंडा, सर्वमंगला नगर दुरपा, बरमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति हो रही है, लेकिन इन क्षेत्रों में विद्युत वितरण व्यवस्था बाधित होने पर बहाल करने में विभागीय कर्मचारियों कई घंटे लगा देते हैं। कई बार किस बिजली के खंभे व लाइन पर खराबी आई है इसे ढूंढने में घंटो लग जाते हैं। इस तरह की दिक्कतें सबसे अधिक बारिश के मौसम होती है।
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