कोरबा। नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ शारदा विहार आवासीय परिसर में कलश यात्रा के साथ हुआ। शंख और अन्य वाद्य यंत्रों की लय के साथ मंगल कलश यात्रा आयोजन स्थल से स्थानीय जलाशय तक निकाली गई। काफी संख्या में बालिकाएं और महिलाएं यात्रा में शामिल हुईं।गायत्री परिवार की ओर से बताया गया कि कलश यात्रा के पश्चात् वेदियों का पूजन संपन्न किया गया। दोपहर से युग निर्माण और वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी सहित गायत्री परिवार के सप्त क्रांति अभियान पर विचार विमर्श शुरू हुआ। शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि विषयों पर रोशनी डालेंगे। इन सभी के मूल में समाज सुधार और बुराईयों के उन्मूलन को शामिल किया गया है। यज्ञ विधान इसके पश्चात् प्रारंभ हुआ। यज्ञ स्थल पर रविवार को सुबह यज्ञीय परंपरा का निर्वहन गायत्री मंत्र के साथ किया गया। इसी दिन उपनयन, नामकरण, विद्यारंभ सहित पुसवन संस्कार संपन्न किए गए। रात्रि दीप यज्ञ को यहां पर संपादित किया जाना है। अगले दिवस टोली विदाई के साथ गायत्री महायज्ञ की पूर्णता होगी। बताया गया कि इस अनुष्ठान के लिए क्षेत्र के सभी नागरिकों का बेहतर सहयोग मिल रहा है।
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